DNN बद्दी
औद्योगिक संगठन लघु उद्योग भारती की प्रांत इकाई की बैठक बद्दी में राज्याध्यक्ष डा. विक्रम बिंदल की अध्यक्षता में हुई जिमसें मुख्यातिथि के तौर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र गुप्त उपस्थित हुए। प्रदेश कोषाध्यक्ष विकास सेठ ने आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया। प्रदेश महामंत्री राजीव कंसल ने संगठन द्वारा पिछले एक साल चलाई जा रही गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं उद्यमियों ने एक एक करके प्रदेश व केंद्र से जुडे मुददे उठाए और उनको हल करने की मांग उठाई। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि जो मुददे प्रदेश से संबधित है उनको जयराम सरकार व केंद्र से संबधित मुददों को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। केंद्र सरकार से पहले भी लघु उद्योग भारती ने सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के कई मुददे हल करवाए हैं।
दवा उद्यमी डा. सदीप बिज ने मुददा उठाया कि आज भी हिमाचल में उद्योग लगाना बहुत मुश्किल है क्योंकि धारा 118 के सरलीकरण न होने से एक साल तक व्यर्थ हो जाता है। इसकी परमिशन आने की कोई समय सीमा तय नहीं है। बरोटीवाला इकाई के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि पूरे हिंदुस्तान में एक देश एक टैक्स लागू हो चुका है लेकिन हिमाचल में एक अनोखा टैक्स एजीटी (एडिशनल गुडस टैक्स) आज भी लागू है तो जीएसटी का क्या औचित्य रह जाता है। मैहतपुर ईकाई के संयोजक अनिल स्पाटिया ने कहा कि प्रदेश में ट्रक यूनियनों के भाडे अन्य प्रांतों की अपेक्षा बहुत ज्यादा है इसलिए सरकार ट्रांसपोर्ट सब्सिडी जारी करे। जीएसटी के एक साल पूरे होने पर सभी ने खटटे मीठे अनुभव सांझे किए।
बददी के उपाध्यक्ष चेतन नागर ने कहा कि जीएसटी ने सूक्ष्म उद्योगों की कमर तोड कर रख दी है। हमारी पेमेंट कई माह तक नहीं होती और रिफंड का आज तक कोई अता पता नहीं। हिमाचल प्रदेश भले ही आधुनिक होने का दावा करता है लेकिन दवा उद्योगों से लॉयसेंस व अप्रूवल आज भी आनलाईन न हो पाई है। इसके कारण दवा उद्यमी उत्तरांचल व ज मू पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। सर्वश्रेष्ठ सदस्यता अभियान को लेकर सतपाल जस्सल व मोहिंद्र चौधरी बागबाणियां को स्मृति चिन्ह देकर स मानित किया गया। इस अवसर पर एक दर्जन सदस्यों ने संगठन का दामन थामा जिसको राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र गुप्त ने आजीवन सदस्य प्रमाण पत्र प्रदान किया।



















