DNN धर्मपुर (सोलन)
24 मार्च। हिमाचल प्रदेश में टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें एहतिहाती कदम उठा रही है। यह जानकारी जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. मुक्ता रस्तोगी ने दी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मपुर के तहत आंजी में विश्व टीबी दिवस पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. मुक्ता रस्तोगी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की व खंड चिकित्सा अधिकारी डा. अमित रंजन तलवार विशेष रूप से मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश को टीबी मुक्त करने के लिए वर्ष 2018 में टीबी मुक्त हिमाचल अभियान की शुरुआत की गई थी। टीबी विश्व पर बोझ बनी हुई है। भारत वर्ष में 01 करोड़ नए मामले आए है। यही नहीं टीबी से 13 से 16 लाख लोगों की अकाल मृत्यु व भारत में 27.4 लाख नए मामले सामने आए है। 

टीबी रोग होना गंभीर विषय
उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश मे 20 हजार लोगों को टीबी रोग होना एक गंभीर विषय है। हिमाचल में 600 लोगों की असमय मृत्यु हुई है।
सोलन जिला की बात कि जाए तो टीबी के 1536 नए मरीज है। इस दौरान उन्होंने टीबी के लक्षणों के बारे में जानकारी देते हुए बताया दो सप्ताह से ज्यादा खांसी, बलगम में खून, बुखार, विशेष तौर सेशाम को बढ़ने वाला युखार, छाती में दर्द, वजन घटना, भूख में कमी, थकावट होना तथा रात में पसीने आना, गर्दन मे लिम्फ ग्रंथियों में सूजन होना आदि है। इन लक्षणों के आने पर तुरंत व्यक्ति को टीबी की जांच करवानी चाहिए। 

यह हुए विजयी
इस दौरान स्वास्थ्य शिक्षिका मीना चौहान ने बताया कि टीबी सैल धर्मपुर में टीबी को लेकर किस प्रकार कार्य कर रहा है के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही बताया गया कि सरकारी योजनाओं में रोगियों को कैसे लाभ मिलता है। इस कार्यक्रम में क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भी किया। प्रतियोगिता में सत्या, प्रवीण , भीति, रीना, मनिता, श्यामा, नीलम, अनिता व कविता को नकद पुरूस्कार दिए गए।















