DNN धर्मशाला
05 जनवरी हिमाचल प्रदेश की 14वीं विधानसभा का पहला सत्र हंगामे और वाकआउट के साथ शुरू हुआ।विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने सत्र के पहले दिन विधायकों के शपथ से पहले ही प्रदेश की नवगठित कांग्रेस सरकार द्वारा पूर्व भाजपा सरकार के अंतिम वर्ष के कार्यकाल में खोले गए लगभग 900 संस्थानों को बंद करने के मुद्दे पर सदन में जोरदार हंगामा किया और शपथ ग्रहण के बाद सदन से बर्हिगमन कर गये।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सदन की कार्यवाही आरंभ होते ही प्रदेश सरकार द्वारा पूर्व सरकार के अंतिम वर्ष के कार्यकाल में खोले गए संस्थानों को डिनोटिफाई करने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि विधायकों की शपथ तो 24-25 दिन बाद हो रही है, लेकिन सरकार ने इससे पहले ही पूर्व सरकार के कार्यकाल में खुले संस्थानों को डिनोटिफाई करने की झड़ी लगा दी है।
ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में इस तरह बदले की भावना से कभी काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार जनादेश का अपमान कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में नए संस्थान खोलने का फैसला कैबिनेट ने लिया है और कैबिनेट ही इन संस्थानों को बंद करने का फैसला ले सकती है, लेकिन प्रदेश में अभी तक कैबिनेट का गठन ही नहीं हुआ है, ऐसे में पूर्व में खुले संस्थानों को नियमों को तहत डिनोटिफाई नहीं किया जा सकता।
सदन में आज विधानसभा में विपक्ष के हंगामे के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि उनकी सरकार डिनोटिफाई किए संस्थानों को जरूरत के हिसाब से और पुनः समीक्षा के आधार पर फिर से खोलने पर विचार करेगी। उन्होंने आज विधानसभा में विपक्ष के हंगामे के बाद कहा कि ऐसे संस्थानों के लिए पहले बजट और स्टाफ का इंतजाम किया जाएगा, इसके बाद जरूरत के हिसाब से इन्हें फिर से खोला जाएगा।
सुक्खू ने कहा कि पूर्व सरकार ने अंतिम नौ महीने के कार्यकाल में 900 से अधिक संस्थान खोले। इनमें से 386 स्कूल और 584 अन्य संस्थान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों को बिना बजट के खोला गया और इन्हें चलाने के लिए लगभग पांच हजार करोड़ रुपए की जरूरत है।
सुक्खू ने कहा कि पूर्व सरकार ने ऐसे सीएचसी खोल दिए, जहां केवल पाउंडर ही तैनात था, जबकि हाई स्कूल केवल चपरासी के सहारे खोल दिए। उन्होंने कटाक्ष किया कि 900 से अधिक संस्थान खोलने के बावजूद जनता ने भाजपा को विपक्ष में बिठा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार एक बच्चे को भी शिक्षा से वंचित नहीं रहने देगी और जहां जरूरत होगी, वहां, एक बच्चे के लिए भी स्कूल खुलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार ने चुनाव से ठीक पहले बिना शिक्षकों के स्कूल खोले, जिनमे 130 ऐसे सीनियर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं।















