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ऊना, 13 जून. मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय महत्व की बल्क ड्रग पार्क परियोजना को नई रफ्तार देते हुए जिला ऊना के हरोली में निर्माणाधीन बल्क ड्रग पार्क के लिए 20 एमवीए बिजली आपूर्ति व्यवस्था विकसित करने हेतु 28 करोड़ 50 लाख 54 हजार 28 रुपये की प्रशासनिक एवं व्यय स्वीकृति प्रदान की है। इस राशि से पार्क में स्थापित होने वाले उद्योगों के लिए विश्वसनीय एवं पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री एवं हरोली के विधायक मुकेश अग्निहोत्री के सतत प्रयासों से इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लगातार नई गति मिल रही है। परियोजना के लिए चरणबद्ध ढंग से सभी आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, ताकि इसे शीघ्र धरातल पर उतारकर हिमाचल प्रदेश को देश के अग्रणी फार्मा एवं औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।
देश के केवल तीन बल्क ड्रग पार्कों में शामिल है हरोली परियोजना
2,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित हो रही हरोली बल्क ड्रग पार्क परियोजना देशभर में स्थापित किए जा रहे केवल तीन बल्क ड्रग पार्कों में से एक है। इस परियोजना में केंद्र और राज्य सरकार एक-एक हजार करोड़ रुपये का समान निवेश कर रही हैं। यह परियोजना एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रीडिएंट्स (एपीआई) के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने, दवाओं के कच्चे माल के लिए विदेशी निर्भरता कम करने तथा भारत को वैश्विक फार्मा आपूर्ति श्रृंखला में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
तेजी से मजबूत हो रही परियोजना की बुनियाद
प्रदेश सरकार द्वारा बल्क ड्रग पार्क के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू पहले ही परियोजना के तहत 250 करोड़ रुपये के साइट विकास एवं अन्य विकास कार्यों का शिलान्यास कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त लगभग 66 करोड़ रुपये की पेयजल योजनाओं के कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं, जबकि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 175 करोड़ रुपये की नई पेयजल योजना पर भी तेजी से कार्य चल रहा है। अब 20 एमवीए बिजली आपूर्ति व्यवस्था के लिए 28.50 करोड़ रुपये की मंजूरी से परियोजना को एक और महत्वपूर्ण मजबूती मिली है।
हजारों युवाओं के लिए खुलेगा रोजगार का नया द्वार
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का कहना है कि बल्क ड्रग पार्क परियोजना हरोली को राष्ट्रीय और वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के साथ-साथ प्रदेश के औद्योगिक भविष्य को भी नई दिशा देगी। उन्होंने कहा कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना आने वाले समय में क्षेत्र को आधुनिक औद्योगिक हब के रूप में विकसित करेगी तथा स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे।














