DNN धर्मशाला
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री किशन कपूर ने प्रदेश की समृद्ध संस्कृति एवं परम्पराओं के संरक्षण और संवर्धन पर बल देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार राज्य की बहुमूल्य विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए ‘‘आज पुरानी राहों से’’ योजना शुरू की है। जिसमें प्रदेश के प्रतिष्ठित व्यक्तियों की स्मृतियों, ऐतिहासिक घटनाओं तथा विलुप्त, अनछुई सांस्कृतिक धरोहरों, विरासतों को सांस्कृतिक, हेरीटेज गाईड के माध्यम से बताया जाएगा जिससे सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और साथ ही प्रदेश की संस्कृति को धरोहर के रूप में संजोए रखना संभव होगा। किशन कपूर आज धर्मशाला के पुलिस मैदान में आयोजित जिला स्तरीय दशहरा उत्सव की तीसरी सांस्कृतिक संध्या में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करने के उपरांत बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न सांस्कृतिक दलों द्वारा दी गई प्रस्तुतियों का भी लुत्फ उठाया तथा उनकी सराहना की।
किशन कपूर ने कहा कि धर्मशाला में आयोजित किये जाने वाले दशहरा उत्सव की अपनी पहचान है। उन्होंने कहा कि उत्सव हमें हमारी सांस्कृतिक विरासत से अवगत करवाते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश भर में मेलों एवं त्यौहारों के अद्भुत आयोजनों के लिए प्रसिद्ध है। इन महोत्सवों के आयोजन से आपसी भाईचारे की भावना सुदृढ़ होती है तथा यह आयोजन क्षेत्र की आर्थिकी को भी गति प्रदान करते हैं। उन्होंनेे कहा कि दशहरा उत्सव पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है तथा यह बुराईयों पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। खाद्य आपूर्ति मंत्री ने कहा कि दशहरा उत्सव के दौरान आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों से लोगों का मनोरंजन तो होता ही है साथ ही स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए उचित मंच भी मिलता है। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। इस अवसर पर जिला दशहरा कमेटी के अध्यक्ष एवं उपायुक्त कांगड़ा संदीप कुमार ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा सूर्या उदय चेरीटेबल ट्रस्ट, योल के दिव्यांग बच्चों द्वारा बनाया गया स्मृति चिन्ह मुख्यातिथि को भेंट किया। इस अवसर पर खाद्य आपूर्ति मंत्री ने लंका दहन कार्यक्रम में भाग लिया।















