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सतत उत्पादकता हेतु सब्जी बीज उत्पादन विषय पर 10 दिवसीय उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के सब्जी विज्ञान विभाग के अंतर्गत संचालित उन्नत संकाय प्रशिक्षण केंद्र (सब्जियां) में किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न राज्य कृषि विश्वविद्यालयों तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के संस्थानों से चयनित 14 वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं। प्रतिभागी आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल एवं तेलंगाना राज्यों से हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. मनीष कुमार, अधिष्ठाता, औद्यानिकी महाविद्यालय द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सब्जी बीज उत्पादन के क्षेत्र में वैज्ञानिकों की व्यावसायिक दक्षताओं को सुदृढ़ करना है। प्रशिक्षण के दौरान कुकुरबिट्स, मटर एवं बीन में बीज उत्पादन; कोल फसलों में संकर विकास हेतु सीएमएस लाइनों का उपयोग; अदरक एवं हल्दी में रोपण सामग्री उत्पादन; पर्यावरण-अनुकूल बीज उत्पादन तकनीकें; बीज गुणवत्ता संवर्धन; तथा कीट-रोगों का समन्वित प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया जाएगा।
व्यावहारिक प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिभागियों को विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में क्षेत्रीय एवं प्रयोगशाला भ्रमण कराया जाएगा। इसके अंतर्गत औद्यानिकी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र तथा कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), कंडाघाट, के साथ-साथ सप्रून घाटी के प्रगतिशील किसानों से संवाद भी शामिल है। सब्जी विज्ञान विभाग के उल्लेखनीय योगदान एवं आधुनिक आधारभूत संरचना को ध्यान में रखते हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्ष 1995 में स्थापना के बाद से विभाग द्वारा इस तरह के 34 उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, जिनसे देशभर के 600 से अधिक संकाय सदस्यों एवं वैज्ञानिकों को लाभ मिला है।















