DNN बीबीएन
जिला परिषद अध्यक्ष धर्मपाल चौहान ने कहा प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र मेें कोविड 19 की लैब न होना सरकार की नाकामी साबित करती है। महामारी से तंग गरीब लोगों पर मंंहगाई ने उनकी कमर तोड़ कर रख दी है। रही सही कसर डीजल व पेट्रोल के दामों ने पूरी कर दी है। प्रदेश सरकार हर मोरचे पर विफल साबित हो रही है।
पत्रकारों से बातचीत में धर्मपाल चौहान ने कहा कि बीबीएन प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है और यहां पर सरकार एक प्रयोगशाला नहीं खोल पाई। यहां से लोगों के टैस्ट कसौली जांच के लिए जाते है। जिससे समय पर लोगों को इसकी रिपोर्ट नहीं मिलती है। दिल्ली जैसे जगह में रातो रात हास्पिटल खड़े कर दिए गए है लेकिन प्रेदश में सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले बीबीएन की सरकार अनदेखी कर रही है। यहां पर रोगियों के लिए सुविधा से लैस चिकित्सालय की भी व्यवस्था नहीं है।
उन्होने कहा कि लगातार मंहगाई ने गरीब लोगों की कमर तोड़ कर रख दी है। पिछले पांच माह से लोग बिना काम से घर पर है। उद्योगों में छंटनी करके 70 फीसदी लोगों को घर भेज दिया गया है। वहीं अपने छोटा मोटा काम करके रोजी चलाने वाले लोग भी घर में बैठे हुए है। ऐसे में बस का किराया बढ़ाना का क्या औचित्य है। डीजल व पेट्रोंल के दाम आसमान छू रहे है। दिल्ली सरकार ने 8 रुपये अपने स्तर पर डीजल व पेट्रोल के कम कर नागरिकों का बोझ कम किया है लेकिन प्रदेश सरकार ने मौन धारण कर रखा है।
जिला परिषद अध्यक्ष ने कहा कि आज किसान पूरी तरह से पिट गया है। उसे खाद व अन्य कीटनाशक तो पहले ही नहीं मिल रहा था अब उसकी नकदी फसलें रोड बंद होने तथा वाहनों की कमी के चलते खेतों में ही सड़ रही है। सरकार किसानो को राहत देने के नाम पर उनका तमाशा देख रही है। किसानों की कमी की फसल तैयार होने वाली है लेकिन अभी तक उन्हें यूरिया नहीं मिला है। रामशहर में यूरिया के 350 बैग आए और वहां पर लेने वाले एक हजार से अधिक किसान थे। यहां पर यूरिया लेने के लिए किसानों में आपाधाबी हुई उससे सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ गई है। स्थानीय प्रशासन कानून व्यवस्था को लागू करने में भी पूरी तरह से विफल हो गया है।यहीं कारण है सोलन में सबसे अधिक करोना के मामले सामनेआए है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जल्द ही सरकार की नाकामियों को लिए अभियान छेड़ेगी तथा ऐसी सरकार को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है।















