DNN कुल्लू
15 दिसम्बर। मैनुअल स्कवैंजर अधिनियम, 2013 के अंतर्गत जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक आज अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एस.के. पराशर की अध्यक्षता में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग कुल्लू के कार्यालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक में समिति के सभी सरकारी तथा गैर सरकारी सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में उपरोक्त अधिनियम के अंतर्गत जिला की सभी नगर परिषदों, नगर पंचायतों तथा सरकारी कार्यालयों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों के लिए उपलब्ध करवाई जा रही विभिन्न सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
एडीएम ने नगर परिषद मनाली में अनुकंपा के आधार पर सफाई कर्मचारियों के दो पदों को भरने के लिए आय प्रमाण पत्र तथा अन्य सभी प्रकार की औपचारिकमाएं पूर्ण करने को नगर परिषद के अधिकारियों को निर्देश दिए। श्रम अधिकारी को निर्देश दिए गए कि वह एमसी तथा अन्य कार्यालयों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को ठेकेदार द्वारा प्रदान की जा न्यूनतम मजदूरी की जांच करें तथा यह भी सुनिश्चित करें कि क्या उन्हें ठेकेदार द्वारा न्यूनतम मजदूरी बैंक के माध्यम से नियमित रूप से उनके खातों में भेजी जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अपने-2 विभाग से सम्बंधित सूचना जिला कल्याण अधिकारी को समय पर उपलब्ध करवाएं।

उन्होंने सफाई कर्मचारियों के समय पर वेतन भुगतान, निर्धारित न्यूनतम मजदूरी, साल में दो बार स्वास्थ्य चैक-अप साल के आरंभ में जनवरी तथा जुलाई माह में, मास्क, गलब्ज, गम बूट, साबुन, सेनेटाईजर इत्यादि सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए । एमसी तथा अन्य कार्यालयों में कार्यरत महिला सफाई कर्मचारियों को सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार मातृत्व अवकाश प्रदान किया जाए। उन्हें सेवानिवृति पर ग्रेच्युटी तथा अन्य पैंशन के लाभ समय पर प्रदान किए जाएं। इसके अतिरिक्त जिला में सभी एमसी तथा नगर पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शत प्रतिशत डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्रीकरण को सुनिश्चित करवाने तथा अधिक से अधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन कर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने को कहा गया। बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति निगम को उपरोक्त अधिनियम के तहत जागरूकता कार्यशाला आयोजित करने निर्देश दिए गए ताकि अधिक से अधिक लोगों को सफाई के प्रति जागरूक किया जा सके।
इस अवसर पर जिला कल्याण अधिकारी समीर चंद, डीएसपी कुल्लू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा समिति के गैर सरकारी सदस्य भी मौजूद रहे।















