DNN सोलन
सोलन नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र राणा की रणनीति ने भाजपा को ढेर कर ही दिया। राणा ने सोलन के विधायक धनीराम शांडिल के साथ मिलकर सोलन नगर निगम में कांग्रेस को कब्जा करवाने में कामयाबी हासिल कर दी है।
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को चुनाव हराने के बाद हिमाचल प्रदेश की राजनीति में चर्चा में आए राजेंद्र राणा ने सोलन में पहली बार हुए नगर निगम के चुनाव में प्रभारी के तौर पर कमान संभाली और उन्होंने जबरदस्त रणनीति से अपने प्रत्याशियों को जीत दर्ज करवाने में कामयाबी हासिल की। इसमें अहम बात यह रही कि कांग्रेस नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष व वार्ड नंबर 8 से प्रत्याशी पवन गुप्ता को भी चुनाव हरवानी में कामयाब हुई और वे अब मेयर पद की दवेदार हैं।
राजेंद्र राणा ने चुनावी कमान संभालते ही सोलन के विधायक कर्नल धनीराम शांडिल के साथ अच्छा तालमेल बिठाया और प्रत्याशियों के चयन से लेकर चुनावी माहौल को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।
सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा की मैनेजमेंट व उनके द्वारा उठाए गए पानी, महंगाई व पिछले नगर परिषद में भाजपा के बीच चली खींचतान के मामलों ने कांग्रेस को सोलन में मजबूत किया। सोलन में मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए अच्छे नेता की जरूरत पड़ रही थी और इन चुनावों में उसे राजेंद्र राणा ने पूरा करके दिखाया है। यही कारण रहा कि लोगों ने खुलकर कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया और पहली बार हुए सोलन नगर निगम के चुनाव में कांग्रेस परचम लहराने में कामयाब हुई।
पूनम मेयर व सरदार सिंह डिप्टी मेयर बनाए जा सकते हैं
नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष व वार्ड नंबर 8 से प्रत्याशी पवन गुप्ता को भी चुनाव हरवानी में कामयाब हुई और वे अब मेयर पद की दवेदार हैं।अलावा कांग्रेस के 17 नंबर वार्ड से जीत दर्ज करने वाले सरदार सिंह ठाकुर को पार्टी में वरिष्ठता के आधार पर डिप्टी मेयर बनाया जा सकता है इस को लेकर कांग्रेस बैठक के बाद रणनीति बनाएगी।















