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हमीरपुर, 29 नवंबर: प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया है कि हिमाचल की राजनीति अब बड़े मोड़ की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र के बीच मुख्यमंत्री का बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अचानक दिल्ली रवाना होना इस बात का संकेत है कि कांग्रेस सरकार अंदरूनी कलह और भारी अस्थिरता से जूझ रही है तथा आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक भूचाल संभव है।
आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि कांग्रेस के कई कैबिनेट मंत्री और विधायक अब मुख्यमंत्री की कार्यशैली से खफा हैं। जनता पहले ही परेशान थी, अब सरकार चलाने वाले भी घुटन महसूस कर रहे हैं। धर्मशाला सत्र के दौरान विधानसभा परिसर का लगभग सूना रहना इस बात का सबूत है कि जनता को अब सरकार से कोई अपेक्षा नहीं बची। “जहां पहले हजारों फरियादी और आम लोग दिखाई देते थे, वहां आज मायूसी और खालीपन है।।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सुक्खू भाजपा में गुटबाजी का आरोप लगाते रहे, जबकि सच्चाई यह है कि असली गुटबाजी अब कांग्रेस के भीतर खुलकर सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि पेंशनर, कर्मचारी, महिलाएं, युवा, बच्चे व बुजुर्ग—हर वर्ग अपने आपको प्रताड़ित महसूस कर रहा है।
राणा ने दावा किया कि जिन नौ विधायकों ने कांग्रेस छोड़ी, वे सुक्खू सरकार की तानाशाही, बदइंतजामी और निकम्मेपन से तंग थे। “उनके काम नहीं होते थे, उन्हें अपमानित किया जाता था। उन्होंने समझ लिया था कि यह सरकार हिमाचल का भला नहीं कर सकती,”
राजेंद्र राणा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सुक्खू ने अपनी धर्मपत्नी को देहरा से विधायक जिताने के लिए 67 महिला मंडलों को कांगड़ा कोऑपरेटिव बैंक से 50–50 हजार रुपये दिलवाए, जो पूरी तरह अवैध और असंविधानिक है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश का कोष खाली हो चुका है, राज्य आपदा से उभर नहीं पाया, लेकिन मुख्यमंत्री दिल्ली जाकर सदन या हिमाचल भवन में ठहरने की बजाय फाइव स्टाफ होटल में रहते हैं। उन्होंने कहा कि बड़े होटल में ठहरने का राज क्या है, यह प्रदेश की जनता जानना चाहती है।
भाजपा नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपनी निजी जमीन बचाने के लिए करोड़ों रुपये सरकारी धन से खर्च करवाए। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार कहती है कि उसके पास पैसा नहीं, दूसरी ओर जनता के टैक्स के पैसे से धड़ाधड़ राजनीतिक नियुक्तियां केवल मात्र चहेतों को खुश करने के लिए की जा रही हैं।
राजेंद्र राणा के कहा की मुख्यमंत्री की कार्यशैली लोगों को मुगलकाल की याद दिला रही है, जहां विरोधियों को झूठे मुकदमों में फंसाकर प्रताड़ित किया जाता था। आज मुख्यमंत्री भी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के साथ ऐसा ही कर रहे है।
उन्होंने चेताया कि सत्ता स्थायी नहीं होती। आज नहीं तो कल, सत्ता परिवर्तन के बाद इन सभी फाइलों के पन्ने खुलेंगे और पूरा सच सामने आएगा।
राणा ने कहा कि हिमाचल भयंकर प्राकृतिक आपदा से उबरने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इससे भी बड़ा डिजास्टर स्वयं सुक्खू सरकार बन गई है। “कांग्रेस ने ऐसा मुख्यमंत्री दिया जिसने प्रदेश को संकट में धकेल कर केवल निजी हित साधे हैं।















