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सोलन, 3 नवंबर। हिमाचल प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) ने सोलन स्थित बंदोबस्त विभाग में तैनात एक पटवारी के खिलाफ रिश्वत मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया है। आरोपी पटवारी की पहचान अंकुर के रूप में हुई है। उस पर भूमि के बंटवारे (तकसीम) की प्रक्रिया पूरी करवाने के एवज में शिकायतकर्ता से 1,500 रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता विकास कंवर ने राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दी शिकायत में आरोप लगाया कि पटवारी ने उसकी जमीन की तकसीम की प्रक्रिया पूरी करवाने के बदले 1,500 रुपये की अवैध मांग की थी। आरोप है कि पटवारी ने रिश्वत की राशि गूगल पे के माध्यम से भेजने के लिए अपना मोबाइल नंबर भी शिकायतकर्ता को उपलब्ध करवाया था। शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों के समर्थन में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी ब्यूरो को सौंपी है।
शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने कार्रवाई करते हुए 3 नवंबर 2026 को राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पुलिस थाना सोलन में FIR संख्या 04/2026 दर्ज की है। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत दर्ज किया गया है। फिलहाल मामले की आगामी जांच जारी है।
इस मामले में पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, IPS, हिमाचल प्रदेश ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के किसी भी मामले में रिश्वत की राशि कितनी भी कम क्यों न हो और सरकारी कर्मचारी किसी भी पद पर तैनात हो, उसके खिलाफ कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी भी कार्य के बदले अवैध रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना तुरंत राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दें। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना ब्यूरो की प्राथमिकता है, ताकि प्रदेश में पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन स्थापित किया जा सके।














