DNN कुल्लू
21 नवम्बर। जिला के ऊपरी भागों में सर्दियों के दौरान बर्फबारी के कारण सम्पर्क सड़कें बंद होने की आशंका बनी रहती है। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों को इन मार्गों को तुरंत बहाल करने के लिए पर्याप्त श्रम शक्ति व मशीनरी को अभी से तैनाती सुनिश्चित करनी होगी। यह बात उपायुक्त डाॅ. ऋचा वर्मा ने सर्द ऋतु के दौरान किये जाने वाले आवश्यक प्रबंधों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। डाॅ. ऋचा वर्मा ने सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों से कहा कि अटल टनल रोहतांग तक का मार्ग हर समय खुला रखने के प्रयास करें। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के संकट के चलते यह और भी अधिक जरूरी हो गया है कि सुरंग तक का मार्ग हर समय खुला रहे ताकि आपातकाल की स्थिति में मरीजों को लाहौल से कुल्लू अथवा मण्डी लाने में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
उन्होंने बीआरओं से कहा कि जैसे ही बर्फबारी होती है, तुरंत से अतिरिक्त मशीनरी को काम पर लगाए ताकि सुरंग तक का मार्ग अधिक समय तक अवरूद्ध न रहे। हालांकि बीआरओ ने इस बात से इंकार नहीं किया कि बर्फ हटाने के बाद भी इस मार्ग पर माइनस डिग्री तापमान के कारण पानी आईस बन रहा है और ऐसे में वाहन चलाना बड़ा जोखिम हो सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सुरंग तक के मार्ग को बहाल रखने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि जिला के संवेदनशील मार्गों में जहां अधिक बर्फबारी होती है, जेसीबी, स्नो कटर अथवा डोजर की तैनाती की जानी चाहिए। लोगों को आवागमन की सुविधा अधिक देर तक प्रभावित नहीं रहनी चाहिए। इसी प्रकार, उपायुक्त ने जल शक्ति विभाग को पाईप लाईनों की अच्छे से जांच करने को कहा ताकि ठंड में इनमें पानी न जम सके। ऐसे स्थलों पर जहां अधिक बर्फ पड़ती है, पाईप लाईनों को जमीन के नीचे दबाना सुनिश्चित करें। इसके अलावा, जिन क्षेत्रों में पानी की लाईन प्रभावित हो जाती है, वहां टैंकरों की समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए। इसके लिए अभी से निविदाएं आमंत्रित कर दी जाएं। डाॅ. ऋचा वर्मा ने विद्युत विभाग के अभियंताओं को निर्देश दिए कि बिजली आपूर्ति में व्यवधान नहीं आना चाहिए, इससे आम जनता को बड़ी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि विद्युत लाईनों को समय रहते चैक कर लें। अतिरिक्त मुख्य अभियंता ने अवगत करवाया कि बर्फबारी के कारण पेड़ गिरने से बिजली प्रभावित होती है। विशेषकर सफेदा के पेड़ों की टहनियां सबसे अधिक टूटती है जो साथ लगती बिजली लाईन को प्रभावित करती हैं। उपायुक्त ने वन विभाग को ऐसे पेड़ों को चिन्हित कर उनकी टहनियों को हटाने को कहा।
मढ़ी में स्थापित नहीं होगी इस बार बचाव चैकी
पुलिस अधिकारियों ने बैठक में अवगत करवाया कि इस साल पूर्व की भांति मढ़ी में बचाव चैकी की स्थापना नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि रोहतांग मार्ग से पैदल यात्रियों की आमद अटल टनल बनने के बाद होने की संभावना नहीं है, इसलिए बचाव चैकी की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। गौर तलब है कि कोकसर तथा मढ़ी में नवम्बर माह में बचाव चैकियों की स्थापना की जाती थी ताकि रोहतांग पर से आने-जाने वाले लोगों को आपात की स्थिति में मदद की जा सके।
सर्दियों में गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
उपायुक्त ने पशु पालन विभाग को निर्देश दिए कि सर्दियों के दौरान गौवंश सड़कों पर नजर नहीं आना चाहिए। अत्यधिक ठंड के कारण गौवंश की जान को खतरा उत्पन्न हो जाता है। उन्होंने कहा कि गौसदनों में सभी गोवंश को टैग लगाए जाने चाहिए। सभी घरों में जहां भी गाय हैं उन्हें भी टैग किया जाना चाहिए ताकि कोई भी व्यक्ति यदि गाय को सड़क पर बे-सहारा छोड़े तो उसके विरूद्ध कारवाई की जा सके। उपायुक्त को अवगत करवाया कि नगर परिषद कुल्लू के गौसदन की गऊएं अक्सर सड़कों पर देखी जा सकती हैं। नगर परिषद को इस दिशा में कदम उठाने की जरूरत है। उपनिदेशक ने जानकारी दी कि आनी तथा अन्य क्षेत्रों में गौ सदनों के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए मनरेगा में गौ सदन निर्माण के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा, विकास में जन सहयोग योजना के तहत भी गौ सदनों के निर्माण की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने इसके लिए लोगों के सहयोग की अपील भी की। टाॅल फ्री नम्बर 1077 पर हो सक्रिय स्टाफ, सभी अधिकारी एटेण्ड करें मोबाईल ।
उपायुक्त इस बात पर गंभीर दिखी कि कई बार अधिकारी मोबाईल फोन नहीं सुनते। इससे जन कार्यों के निष्पादन में कठिनाई आती है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर समय अपना मोबाईल ऑन रखें और एटेण्ड करें, अन्यथा डीडीएमए एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि टाॅल फ्री नम्बर 1077 पर स्टाफ एकदम से सक्रिय होना चाहिए। आपातकाल का यह नम्बर काफी महत्वपूर्ण है और इसे हर समय एटेण्ड किया जाना चाहिए। डाॅ. ऋचा वर्मा ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से दवाईयों की प्रचुर उपलब्धता सुनिश्चित बनाने को कहा ताकि सर्दियों में उपरी क्षेत्रों में किसी प्रकार की दिक्कत दवाईयों को लेकर न आए। इसी प्रकार, जिला खाद्य एवं आपूति नियंत्रक से राशन का अतिरिक्त कोटा व स्टाॅक रखने के भी निर्देश दिए गए। होम गार्ड के जवानों की सूचित तैयार रखने को कहा जो आपात के दौरान तुरंत से सेवाओं के लिए तत्पर रहे। बैठक में सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
















