सोलन ब्यूरो
हिमाचल प्रदेश में आने वाले पोट्री उत्पादकों की अब बैरियारों पर ही जांच होगी। इसके लिए पशु पालन विभाग तैयारियों में जुट गया है। इस कार्य के लिए पशु पालन विभाग ने पांच टीमों का गठन भी किया गया है। इनमे एक टीम जिला स्तर की बनाई गई है, जबकि अन्य चार टीमें उपमंडल स्तर पर बनाई गई है। साथ ही प्रदेश के प्रवेश द्वार परवाणू में भी अब टीमें हिमाचल की और वाहनों में आने वाले पोट्री उत्पादों पर नजर बनाएगी। यही नहीं टीम रैंडम सैम्पल भी एकत्र कर सकती है और इन सैम्पलों को जांच के लिए लैब में भेजे जाएंगे। विभाग द्वारा यह कदम बर्ड फ्लू को लेकर उठाए जा रहे हैं।
बता दें कि पौंग डैम में मृत पक्षियों में मिलने के बाद से हिमाचल प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद से पशु पालन विभाग द्वारा भी टीमों का गठन कर दिया गया था। यह टीम एक और जहां लोगों को जागरूक करेगी। वहीं कोई संदेह मामला आने के बाद कार्रवाई लाएगी। साथ ही विभाग द्वारा नंबरों को भी जारी किया गया है। आवश्यकता पड़ने पर विभाग से इन नंबरों के माध्यम से भी संपर्क साधा जा सकता हैं।
पशु पालन विभाग सोलन के उप-निदेशक भरतभूषण गुप्ता ने बताया कि विभाग द्वारा बर्ड फ्लू को लेकर कमर कसी हुई है। जिला में पांच टीमों का गठन किया गया है। इसी के साथ विभाग द्वारा अब एक टीम को प्रवेश द्वार पर भी तैनात किया जाएगा। डॉ. गुप्ता ने कहा कि उपायुक्त सोलन केसी चमन ने इस मामले में प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
उपनिदेशक ने कहा कि सोलन जिला में उपरोक्त के दृष्टिगत 01 जिला स्तरीय तथा 04 उपमण्डल स्तरीय रेपिड रिस्पॉन्स टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने कहा कि यह टीमें पक्षियों की असमान्य मृत्यु होने पर तुरन्त नमूने एकत्रित कर बर्ड फ्लू की पुष्टि के लिए इन्हें क्षेत्रीय रोग निदान प्रयोगशाला जालन्धर भेजेंगी। उन्होंने कहा कि जिला के सभी पशु चिकित्सकों को सिरों-सर्वेक्षण की आवृति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सोलन जिला की अन्तराज्यीय सीमा पर बीमार तथा मृत पक्षियों को ला रहे वाहनों का प्रवेश रोकने के लिए पशुपालन परिचारकों की टीम 24ग7 तैनात रहेगी।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि 06 जनवरी, 2021 को सोलन के परवाणू के समीप चक्की मोड़ पर लगभग 500 मृत पक्षी फैंके हुए पाए गए थे। बर्ड फ्लू की सम्भावना के दृष्टिगत मौके पर जिला स्तरीय रेपिड रिस्पॉन्स टीम को भेजा गया। इस टीम ने निरीक्षण कर मृत पक्षियों के नमूने सम्भावित बर्ड फ्लू की पुष्टि के लिए क्षेत्रीय रोग निदान प्रयोगशाला जालन्धर भेजे तथा मृत पक्षियों को स्थापित नियमावली के अनुसार दबा दिया। उन्होंने कहा कि जिला के पशु पालन विभाग की टीम किसी भी सम्भावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।















