-2004 में नाहन जेल से हो गया था फरार
DNN नाहन। दोहरे हत्याकांड में फांसी के सजायाफ्ता कुख्यात कैदी श्यामल राव रेड्डी को हिमाचल प्रदेश की सबसे पुरानी सैंट्रल जेल नाहन से फरार हुए करीब 18 साल हो गए है, जिसका आज तक कोई सुराग नहीं लगा।
इसी बीच गुरूवार को यह कुख्यात अपराधी एक बार फिर उस समय चर्चा में आ गया, जब सिरमौर पुलिस ने अपने सोशल मीडिया पेज पर इस वांछित अपराधी की तस्वीर के साथ इसे पकड़वाने वाले को एक लाख रूपए ईनाम की घोषणा की सूचना शेयर की। पुलिस ने 50 वर्षीय श्यामल राव रेड्डी पुत्र रेड्डी अप्पाल नायडू की फोटो सहित पहचान संबंधी जानकारी को भी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के साथ सांझा किया है।
दरअसल कुख्यात अपराधी श्यामल राव रेड्डी आंध प्रदेश का रहने वाला है। पुलिस ने इस अपराधी का पता मकान नंबर 2-13-91 गांधी कालोनी वार्ड नंबर 34, पुलिस थाना इलुरू कस्बा, जिला पश्चिमी गोदावरी, आंध्र प्रदेश बताया है। साथ ही इसकी पहचान के तौर पर इसकी दाहिनी छाती पर काला तिल, दाहिने गाल पर आंख के नीचे एक पुराना कटा हुआ निशान संबंधी जानकारी भी सांझा की है। यही नहीं इस फरार अपराधी को पकड़वाने वाले को 1 लाख रूपए के ईनाम की घोषणा भी की है। हालांकि यह पहला मौका नहीं है, जब इस कुख्यात अपराधी पर ईनाम का ऐलान किया गया है, बल्कि इसकी नाहन जेल से फरारी के बाद भी इसकी सूचना देने वाले को 1 लाख रूपए ईनाम की घोषणा की गई थी। पुलिस के मुताबिक चूंकि अभी तक अपराधी पकड़ा नहीं किया गया है, लिहाजा ईनाम की राशि अब भी बरकरार है।
2001 में शिमला में दिया था दोहरे हत्याकांड को अंजाम
जानकारी के मुताबिक रेड्डी ने दिसंबर 2001 में अपने एक साथ दीपराम के साथ मिलकर राजधानी शिमला के एक होटल में संदीप सूद व उनकी मां पुष्पा सूद की बेहरमी से हत्या कर दी थी। दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद रेड्डी को नाहन पुलिस ने ही पकड़ा था। उस वक्त रेड्डी की जेब से शव की अंगुलियां तक बरामद हुई थी।
17 मई 2003 को हुई थी फांसी की सजा
हिमाचल हाईकोर्ट ने इस दोहरे हत्याकांड में शामिल श्यामलराव रेड्डी को 17 मई 2004 को फांसी की सजा सुनाई थी। जबकि इस मामले में संलिप्त रेड्डी के साथी दीपराम को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
16 अगस्त 2004 को दिया था सबसे बड़ा जेल बेक्र अंजाम
उल्लेखनीय है कि रेड्डी आईजीएमसी शिमला के शौचालय से भी एक बार फरार हो गया था, जिसे शिमला पुलिस ने आंध प्रदेश के हैदराबाद से दबोचा था। इसके बाद अंडरट्रायल होने के कारण जून 2003 में रेड्डी को सैंट्रल जेल नाहन लाया गया। इसी बीच 2004 में उसे फांसी की सजा सुनाई गई। मगर 16 अगस्त 2004 को रेड्डी ने प्रदेश में सबसे बड़े जेल ब्रेक को अंजाम दिया और नाहन जेल से फरार हो गया था।
रेड कार्नर नोटिस सहित एक लाख का ईनाम हुआ था घोषित
जेल से फरार होने के बाद भी रेड्डी पर एक लाख रूपए का ईनाम घोषित किया गया था। यहीं नहीं जेल से इंटरपोल ने सीबीआई के माध्यम से जुलाई 2011 में रेड्डी के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस भी जारी किया था। इसका मतलब था कि रेड्डी इंटरनेशनल स्तर पर वांछित हो गया था।
क्या कहते हैं एसपी सिरमौर ओमापति जम्वाल?
उधर इस मामले में पूछे जाने पर सिरमौर जिला के एसपी ओमापति जम्वाल ने कहा कि श्यामल राव रेड्डी एक वांछित अपराधी है, जिसका पकड़ा जाना आवश्यक है, ताकि न्यायालय की प्रक्रिया को पूरा किया जा सके। उन्होंने लोगों से आहवान किया कि यदि किसी भी व्यक्ति को इस अपराधी की कोई सूचना मिलती है, तो वह तुरंत सिरमौर पुलिस के दूरभाष नंबर 01702-222223 पर इसकी सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। साथ ही इस अपराधी को पकड़ने वाले को एक लाख रूपए का ईनाम दिया जाएगा।















