DNN नौणी
डॉ॰ वाईएस परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी की रिसर्च स्कॉलर जागृति ठाकुर को शुक्रवार को अमेरिका के इंटरनेशनल प्लांट न्यूट्रिशन इंस्टीट्यूट (आईपीएनआई) स्कॉलर अवार्ड 2018 से सम्मानित किया गया। जागृति वर्तमान में नौणी विवि के मृदा विज्ञान और जल प्रबंधन विभाग में पीएचडी की छात्रा हैं।
आईपीएनआई के दक्षिण एशिया कार्यक्रम और मृदा विज्ञान और जल प्रबंधन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से विश्वविद्यालय में आयोजित एक विशेष पुरस्कार समारोह में उन्हें यह सम्मान किया गया। आईपीएनआई दक्षिण एशिया कार्यक्रम के निदेशक डॉ॰ टी॰ सत्यनारायण ने जागृति को यह पुरस्कार प्रदान किया। हर साल दुनिया भर के 30 शोध विद्वानों को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। इस पुरस्कार में आईपीएनआई प्रशंसा पत्र और 2000 डॉलर का शामिल है।
जागृति को आईपीएनआई पुरस्कार डॉक्टरेट कार्यक्रम के लिए अनुसंधान के विषय-संक्षेप जिसका विषय ‘उच्च घनत्व वृक्षारोपण के तहत सेब के लिए सिंचाई और फर्टिगेशन सारणी का मानकीकरण’ के लिए दिया गया है। पिछले एक साल से वह विश्वविद्यालय के उच्च घनत्व सेब के बागानों में अनुसंधान कर रही है। इस कार्यक्रम के दौरान जागृति ने अपने शोध कार्य को भी प्रस्तुत किया। जागृति को आशा हैकि उनका अनुसंधान संसाधनों के बेहतर उपयोग और सेब उत्पादकों की आय बढ़ाने में मददगार साबित होगा।
इस उपलब्धि पर जागृति और उनके अनुसंधान मार्गदर्शकों को बधाई देते हुए मुख्य अतिथि और वानिकी महाविद्यालय के डीन डॉ॰ पीके महाजन ने अन्य छात्रों और शोधकर्ताओं से नए विषयों पर शोध कार्य करने का आग्रह किया ताकि उसका लाभ कृषक समुदाय तक पहुंचाया जा सके। उनके अनुसार सफलता का विशेष रूप से
अनुसंधान के क्षेत्र में कोई शॉर्टकट नहीं है। उन्होनें कहा कि विश्वविद्यालय के छात्र दुनिया भर में कई प्रतिष्ठित सार्वजनिक और निजी उद्यम में प्रमुख पदों पर कार्य कर रहें हैं। यह तथ्य कि हमारे दो छात्र पिछले तीन वर्षों में इस अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार को अपने नाम कर चुके हैं, विश्वविद्यालय में किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता को दर्शाता है।इससे पहले, डॉ टी सत्यनारायण ने आईपीएनआई और इसकी गतिविधियों के बारे में एक प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि यह पुरस्कार 2007 से दिया जा रहा है जिसके माध्यम से दुनिया भर के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अच्छे काम को सम्मानित किया जाता है। मृदा विज्ञान और जल प्रबंधन विभाग के प्रोफेसर और हैड और पीएचडी में जागृति के रिसर्च गाइड डॉ॰ जेसी शर्मा ने विश्वविद्यालय में पुरस्कार समारोह आयोजन करने के लिए आईपीएनआई का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के पुरस्कार शोधकर्ताओं के प्रयासों को पहचानते हैं और उनके शोध को अधिक गति प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान शोध से इन संसाधनों के उचित उपयोग के लिए उच्च घनत्व वाले वृक्षारोपण के तहत सेब के लिए पानी और पोषक तत्वों की आवश्यकता को निर्धारित करने में मदद मिलेगी।औदयानिकी महाविद्यालय के डीन डॉ॰ राकेश गुप्ता,छात्र कल्याण अधिकारी डॉ॰ कुलवंत राय, विभिन्न विभागों के प्रमुख, वैज्ञानिक और कर्मचारी, और छात्र इस मौके पर उपस्थित रहे।















