DNN कुल्लू (रेणुका गोस्वामी)
अन्तरराष्ट्रीय लोक नृत्य उत्सव कुल्लू दशहरा इस बार नए स्वरूप में आयोजित करने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। सूबे की परम्पराओं और संस्कृति से जुड़े अनेक कार्यक्रमों को प्रमुखता के साथ महोत्सव में शामिल किया जाएगा। 8 अक्तूबर से 14 अक्तूबर तक सप्ताह भर चलने वाले इस महोत्सव के प्रबंधों को लेकर आज यहां वन, परिवहन व युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री एवं अध्यक्ष उत्सव समिति गोविंद सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उन्होंने यह बात कही।
गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि अनेकों प्रकार के वाद्य यंत्र कुल्लू की संस्कृति का सदियों से हिस्सा रहे हैं, लेकिन यह दुःख की बात है कि इनमें से अधिकांश लुप्त प्राय हो गए हैं। इस बार पारम्परिक वाद्य यंत्रों को बाहर निकाल कर इनका एक विशेष और वृहद प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने इसके लिए दशहरा के दौरान उपयुक्त समय निर्धारित करने के लिए उप-समिति को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाद्य यंत्रों की मनमोहक ध्वनियों और तरंगों से समूचा कुल्लू शहर गंुजायमान हो जाएगा और इसका वैज्ञानिक महत्व भी है। देवी-देवताओं से जुड़े इन वाद्य यंत्रों से विश्व शांति का आह्वान किया जाएगा। इससे वाद्य यंत्रों के मालिक भी प्रोत्साहित होंगे और उन्हें बाहर निकालकर प्रतिस्पर्धा में आएंगे। उन्होंने कहा कि पुराने वाद्य यंत्रों की संस्कृति को जीवित रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए।















