DNN सोलन
2 नवम्बर। मुख्य संसदीय सचिव (उद्योग, राजस्व तथा नगर नियोजन) राम कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार आम लोगों का दुःख-दर्द समझते हुए उनके कल्याणाार्थ विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं आरम्भ कर रही है। राम कुमार आज सोलन ज़िला के दून विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मानपुरा में अतिथि सम्मान समारोह में उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे।
राम कुमार ने कहा कि प्रत्येक नागरिक के घर-द्वार पर योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार की कृत संकल्प है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास में सड़क, शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं की अहम भूमिका होती है। दून विधानसभा क्षेत्र को आदर्श विधानसभा क्षेत्र बनाने के लिए प्रत्येक क्षेत्र में सड़कों, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा भारी वर्षा सेे प्रभावित लोगों के लिए बढ़ौतरी कर राहत पैकेज दिया गया है। राहत पैकेज के तहत भारी वर्षा के कारण पूरी तरह से क्षतिग्रस्त मकानों के मालिकों को दी जाने वाली राशि को बढ़ाकर 07 लाख रुपए तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के मालिकों को दी जाने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर एक लाख रुपए किया गया है।
मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि आपदा के कारण दून विधानसभा क्षेत्र की ग्रामीण सड़कों को हुए नुकसान की मुरम्मत के लिए लगभग 86 लाख रुपए उपलब्ध करवाए गए है। उन्होंने कहा कि आपदा के कारण लगभग 36 पेयजल योजना बंद हो गई थी जिसकी मुरम्मत करवाकर ठीक कर दिया गया है।
राम कुमार ने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं को चरणबद्ध तरीके से शीघ्र दूर किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि विकास कार्यों में धनराशि की कमी नहीं आने दी जाएगी।
मुख्य संसदीय सचिव ने इस अवसर पर स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनी और सम्बन्धित अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश जारी किए।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत मानपुरा के प्रधान नामदेव, उप प्रधान ज्ञानचंद ठाकुर, ग्राम पंचायत मानपुर के वार्ड नंबर 5 के पंच गुरुवचन, वार्ड नंबर 7 की पंच शीला देवी, वार्ड नंबर 8 की पंच सावित्री देवी, वार्ड नंबर 5 के पूर्व पंच गुरबख्श, ग्राम पंचायत सुनेड से समाजसेवी मेहर चंद, ग्राम पंचायत थाना से समाजसेवी बलविंदर, पप्पू सैनी, चन्नी, गुरमेल, केवल, दयाल चन्द, प्रेम, सुच्चा सिंह, संजू सहित विभिन्न पंचायती राज संस्थानों के प्रतिनिधि तथा अन्य गणमान्य उपस्थित थे।















