DNN शिमला (रमेश वर्मा)
राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि बिजली उत्पादकों की सहायता और बिजली क्षेत्र में अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए 25 मेगावॉट क्षमता तक की छोटी बिजली परियोजनाओं द्वारा उत्पादित बिजली को हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड द्वारा खरीदेगा। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने यह बात आज यहां भारत सरकार और बहुद्देशीय परियोजनाओं, ऊर्जा विभाग,एनइएस और हिमाचल सरकार के सहयोग से हाइड्रो पावर ड्वेल्पर्स और हिमालय पावर प्रोड्यूसर एसोसिएशन द्वारा आयोजित ‘हिमाचल प्रदेश में जल विद्युत परियोजनाओं का तीब्र विकास’ विषय पर संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए कही।
जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में 27 हजार मेगावाट से अधिक विद्युत उत्पादन क्षमता की पहचान की गई है और इसका पूरी तरह से दोहन होने पर राज्य की अर्थव्यवस्था को बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य में अभी तक 10547 मेगावाट विद्युत क्षमता का ही दोहन किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों की सक्रिय भागीदारी से वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान 182 मेगावाट क्षमता का उपयोग करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार बिजली उत्पादकों को अनेक प्रोत्साहन प्रदान कर रही है, जिससे वे आसानी से राज्य में जल विद्युत परियोजनाओं का निर्माण कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादक अन्य इच्छुक खरीदारों को बिजली बेचने के लिए स्वतंत्र होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में बिजली उत्पादकों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विचार करने के लिए ऊर्जा मंत्री की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिजली परियोजनाओं की स्थापना को मंजूरी प्रदान करने के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिजली उत्पादकों की सभी व्यवहारिक मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने विद्युत नीति में आवयश्क संशोधन किए हैं ताकि इसे निवेशकों के लिए अनुकूल बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में बिजली परियोजनाओं के निर्माण के लिए त्वरित वन स्वीकृति प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि इससे निवेशकों को परियोजनाओं के निर्माण से अनावश्यक देरी से बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के वर्तमान कार्यकाल के दौरान विद्युत और औद्योगिक दोनों क्षेत्रों में निवेशकों के कल्याण के लिए कुछ प्रमुख पहलें की गई हैं।
जय राम ठाकुर ने कहा कि बिजली क्षेत्र में अधिक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार ने भविष्य में लगने वाली परियोजनाओं के लिए पहले 12 वर्षों के लिए 12 प्रतिशत की दर से रॉयल्टी स्थगित कर दी है जो बिजली उत्पादकों को अत्याधिक लाभ पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि इससे बिजली उत्पादकों को परियोजनाओं के प्रारम्भिक वर्षों में ऋण और ब्याज का भुगतान करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र विद्युत उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए आगामी परियोजनाओं में एक लाख रुपये प्रति मेगावाट की दर से अग्रिम भुगतान शुल्क लिया जाएगा।



















