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बद्दी, 4 फरवरी : भारत की नंबर-1 प्राइवेट यूनिवर्सिटी और QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग के अनुसार दुनिया की टॉप 2% यूनिर्सिटियों में शामिल चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी अपने रिसर्च-इंटेंसिव, इनोवेशन-ड्रिवन यूनिक एक्सपीरिएंशियल लर्निंग मॉडल और अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ भावी पीढ़ी के इनोवेटर्स को तैयार कर रही है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (Chandigarh University) के छात्रों और फैकल्टी सदस्यों द्वारा लिखे 20,000 से ज़्यादा रिसर्च पब्लिकेशन और 5519 से ज़्यादा फाइल किए पेटेंट, जिनमें से 5212 पेटेंट प्रकाशित एवं 238 पेटेंट ग्रांट किए जा चुके है, इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं।” चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर के सलाहकार प्रो. (डॉ.) आर.एस. बावा ने हिमाचल प्रदेश के बद्दी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि वर्ष 2025 में ही चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के छात्रों ने 1,247 पेटेंट फाइल किए, जिनमें से 943 पेटेंट प्रकशित और 25 ग्रांट हुए हैं।
उन्होंने कहा कंट्रोलर जनरल ऑफ़ पेटेंट्स, डिज़ाइन्स, ट्रेड मार्क्स और ज्योग्राफिकल इंडिकेशन्स (CGPDTM) 2023-24 की रिपोर्ट के अनुसार, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी एक अग्रणी रिसर्च संस्थान के रूप में उभरी है। यूनिवर्सिटी का टेक्नोलॉजी बिज़नेस इनक्यूबेटर (CU-TBI) साल 2023-24 में 1126 पेटेंट फाइलिंग के साथ देश में अग्रणी रहा। पिछले 5 सालों में पेटेंट फाइलिंग के मामले में यूनिवर्सिटी देश की टॉप-5 संस्थाओं में भी रैंक की गई है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के 44 फैकल्टी मेंबर्स को वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी–एल्सेवियर सूची में दुनिया के टॉप 2% वैज्ञानिकों में शामिल किया गया है। सीयू-टीबीआई ने 250 से ज़्यादा स्टूडेंट स्टार्टअप सफलतापूर्वक लॉन्च किए हैं, जिनमें से 17 हिमाचल के छात्रों के हैं। अपने छात्रों को रिसर्च-इंटेंसिव लर्निंग से सशक्त बनाने के लिए, यूनिवर्सिटी हर साल 15 करोड़ रुपये का सालाना बजट आवंटित करती है। पिछले 5 सालों में अकेले विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय से यूनिवर्सिटी को रिसर्च और इनोवेशन प्रोजेक्ट्स के लिए 90 करोड़ रुपये की फंडिंग प्राप्त हुई है।”
प्रो. बावा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश से जुड़े चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के छात्र रिसर्च के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रहे हैं। सीयू के छात्रों द्वारा फाइल किए गए कुल पेटेंट्स में उनका योगदान लगभग 15% है। उन्होंने बताया कि हिमाचल के जिन दो यूनिवर्सिटी छात्रों के पेटेंट पब्लिश हुए हैं, उनमें एम.फार्मा की छात्रा काजल और छात्र राहुल ठाकुर शामिल हैं। एम.फार्मा की छात्रा काजल ने एक मल्टी-ज़ोनल रोडेंट एंग्जायटी असेसमेंट अपैरेटस (MZRAA) विकसित किया है, जो अलग-अलग एंग्जायटी बिहेवियर का एक साथ आकलन कर एक्सपेरिमेंट का समय घटाने, हैंडलिंग स्ट्रेस कम करने और अधिक रियलिस्टिक सिमुलेशन के जरिए विश्वसनीय और व्यापक डेटा प्रदान करता है। वहीं, एम.फार्मा के छात्र राहुल ठाकुर ने आंखों में दवा की प्रभावी डिलीवरी के लिए एज़िथ्रोमाइसिन-लोडेड स्पैनलास्टिक इन-सीटू जेल विकसित किया है, जो दवा के पेनिट्रेशन और रिटेंशन को बढ़ाकर नियंत्रित व लगातार रिलीज सुनिश्चित करता है।
प्रोफेसर बावा ने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी टॉप नेशनल और इंटरनेशनल रिक्रूटर्स के लिए पहली पसंद बनी हुई है, जिसमें 1300 से ज़्यादा रिक्रूटर्स नेयूनिवर्सिटी के 2025 बैच के स्टूडेंट्स को 10,000 से ज़्यादा नौकरियाँ दी हैं। इस दौरान सर्वाधिक इंटरनेशनल पैकेज 1.74 करोड़ जबकि सर्वाधिक डोमेस्टिक ऑफर 54.75 लाख रुपये रहा। उन्होंने बताया कि 31 से ज़्यादा रिक्रूटर्स ने 20 लाख रुपये या उससे ज़्यादा, जबकि 52 कंपनियों ने 15 लाख रुपये से ज़्यादा के सालाना पैकेज के जॉब ऑफर दिए।”
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से शिक्षारत हिमाचल प्रदेश के स्टूडेंट्स की प्लेसमेंट जानकारी साझा करते हुए प्रोफेसर बावा ने कहा, “पिछले दो सालों में हिमाचल प्रदेश के 1101 से ज़्यादा छात्रों को टॉप भारतीय और ग्लोबल कंपनियों से जॉब ऑफर मिले हैं। इसी दौरान सोलन के 62, जिनमें बद्दी के 14 और नालागढ़ और परवाणू के सात स्टूडेंट्स शामिल हैं, को टॉप नेशनल और इंटरनेशनल कंपनियों से जॉब ऑफर मिले।”
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के होटल मैनेजमेंट के छात्र, सारांश भारद्वाज, वर्तमान में रामडा, बद्दी में जीएसए– फूड एंड बेवरेज (F&B) डिपार्टमेंट में काम कर रहे हैं। होटल मैनेजमेंट के एक अन्य छात्र रोहित ठाकुर, लेजेंड सरोवर पोर्टिको, बद्दी में कार्यरत हैं। 2025 में प्लेसमेंट हासिल करने वाले बद्दी के छात्रों में एमबीए छात्र दिव्यांश बंसल भी शामिल हैं जिन्हें कंसल्टएड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड में नौकरी मिली है। बद्दी के रहनेवाले और बीटेक(सीएआई-आईबीएम) के छात्र शिवेंदु कुमार सुमन को एमयू सिग्मा बिज़नेस सॉलूशन्स प्रा.लि. में नौकरी मिली है। बद्दीनिवासी एक अन्य बीटेक (सीएआई-आईबीएम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग) छात्र ,श्रेष्ठ सहाय को कनेरिका सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड में नौकरी मिली है। वही एमबीए स्टूडेंट ऋचा त्रिपाठी को उषा इंटरनेशनल लिमिटेड जबकि एमबीए छात्र योगेश चौधरी को अडानी विल्मर लिमिटेड में नौकरी मिली है।
प्रोफेसर (डॉ.) बावा ने कहा, “एडमिशन-कम-स्कॉलरशिप प्रोग्राम – चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CUCET 2026) के ज़रिए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी हर साल 250 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप देकर हज़ारों आर्थिक रूप से कमज़ोर छात्रों को 100% तक स्कॉलरशिप देकर उच्च शिक्षा हासिल करने में सक्षम बना रही हैं, इसमें 200 करोड़ चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी मोहाली और 50 करोड़ चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी लखनऊ कैंपस के लिए आवंटित है। इच्छुक छात्र चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की साइट https://www.cuchd.in/scholarship/ पर जाकर आसानी से CUCET 2026 के लिए अप्लाई कर सकते हैं।”
“2012 में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, मोहाली कैंपस की स्थापना के बाद से, भारत के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों से 1.30 लाख से ज़्यादा राष्ट्रीय छात्रों और विदेशी छात्रों ने यूनिवर्सिटी द्वारा दी जाने वाली स्कॉलरशिप का लाभ उठाया है। वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2025-26 में, हिमाचल प्रदेश के 4306 छात्रों ने स्कॉलरशिप का लाभ उठा रहे है। जिनमें से 2329 स्टूडेंट्स को CUCET के ज़रिए और 1977 को अन्य स्कॉलरशिप स्कीमों के ज़रिए स्कॉलरशिप दी गई हैं।”
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की डिफेंस स्कॉलरशिप के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पिछले 13 सालों में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने 5,723 छात्रों को 6 करोड़ रुपये से अधिक की डिफेंस स्कॉलरशिप प्रदान की है,जिसमें हिमाचल प्रदेश के 105 स्टूडेंट्स भी शामिल हैं। यह देश सेवा करने वाले परिवारों के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। डिफेंस कर्मियों के बच्चे और परिजन आर्म्ड फोर्सेज एजुकेशनल वेलफेयर स्कीम और शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा स्कॉलरशिप का लाभ ले सकते हैं। इसके अलावा, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का एनसीसी विंग देश सेवा करने के इच्छुक छात्रों की उम्मीदों को पूरा करता है। एनसीसी विंग में ट्रेनिंग प्राप्त 43 कैडेट्स ने इंडियन आर्म्ड फोर्सेज की तीनों विंग्स में ऑफिसर के तौर पर कमीशन प्राप्त किया है।”
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की ग्लोबल और नेशनल यूनिवर्सिटी रैंकिंग प्रदर्शन के बारे में जानकारी देते हुए प्रो. बावा ने कहा, “क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी लगातार तीसरे साल फिर से भारत की नंबर 1 प्राइवेट यूनिवर्सिटी बनी है। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग बाय सब्जेक्ट 2025 में, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने एम्प्लॉयबिलिटी रैंकिंग में, जो आधुनिक वर्कप्लेस के लिए सबसे ज़्यादा रोज़गार पाने वाले ग्रेजुएट्स तैयार करने में यूनिवर्सिटी के परफॉर्मेंस का आंकलन है, में भारत की प्राइवेट यूनिवर्सिटियों में इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग और केमिस्ट्री में पहला स्थान हासिल किया है।”
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के इंडस्ट्री-अकादमिक इंटरफेस के बारे में बताते हुए, डॉ. (प्रो.) बावा ने कहा, “सीयू इनोवेशन और रिसर्च के लिए अनुकूल वातावरण देती है, जिसमें माइक्रोसॉफ्ट, सिस्को, हुंडई, टेक महिंद्रा, कैपजेमिनी और आईबीएम जैसी टॉप मल्टीनेशनल कंपनियों द्वारा स्थापित 30 इंडस्ट्री-स्पॉन्सर्ड एडवांस्ड रिसर्च लैब और 32 सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस शामिल हैं। इसके अलावा, यूनिवर्सिटी में 60 रिसर्च सेंटर भी हैं।”
डॉ. (प्रो.) बावा ने आगे कहा, “चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी NAAC A+ प्राप्त करने वाली भारत की शीर्ष 5% यूनिवर्सिटियों में शामिल है। सीयू को अमेरिका स्थित एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (ABET) से भी मान्यता प्राप्त है, जिससे यह मान्यता प्राप्त इंजीनियरिंग कार्यक्रमों वाले शीर्ष 0.1% भारतीय यूनिवर्सिटियों में शामिल हो गई है। इसे नेशनल बोर्ड ऑफ़ एक्रेडिटेशन (NBA) द्वारा भी मान्यता प्राप्त है।”
प्रोफेसर बावा ने कहा,”चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने टॉप ग्लोबल यूनिवर्सिटियों के साथ 525 इंटरनेशनल सहयोग स्थापित किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप 2300 से अधिक छात्रों को सेमेस्टर एक्सचेंज, इंटर्नशिप और अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूके सहित विभिन्न देशों के प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटियों में पढ़ने का अवसर मिला है। सीयू में 2100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय विजिटिंग फैकल्टी, 560 इंटरनेशनल रिसर्च नेटवर्क स्कॉलर और 65 देशों के 3,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय छात्र पढ़ने कर रहे हैं।”
खेलों में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की उपलब्धियों के बारे में बताते हुए डॉ. बावा ने कहा, “चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी साल 2024 में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में सर्वाधिक 71 मेडल जीतकर प्रतिष्ठित मौलाना अबुल कलाम आज़ाद (MAKA ट्रॉफी) जीतने वाली देश की पहली प्राइवेट यूनिवर्सिटी बनी। हाल ही में हुए 5वें खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 में, यूनिवर्सिटी ने 67 मेडल (42 गोल्ड, 14 सिल्वर और 11 ब्रॉन्ज़) जीतें हैं। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी लगातार 2024 और 2025 में खेलों इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स की चैंपियन बनी है।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में बीए की छात्रा तथा हिमाचल के नालागढ़ की रहनेवाली प्रिया ने तलवंडी साबो में आयोजित ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2024 में कबड्डी में सिल्वर मेडल तथा खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स गुवाहाटी (2024) और बीकानेर (2025) में गोल्ड मेडल जीते हैं। नालागढ़ की ही बीए छात्रा व कबड्डी खिलाड़ी अंकिता चंदेल ने ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2024 (तलवंडी साबो) और सीनियर नेशनल में सिल्वर, जबकि खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स गुवाहाटी 2024, बीकानेर 2025 और 37वें नेशनल गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर CU और हिमाचल का नाम रोशन किया। हाल ही में ऑल-इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी रेसलिंग ग्रीको-रोमन और फ्रीस्टाइल चैंपियनशिप 2025-26 में भी, सीयू 16 मेडल जीतकर ओवरऑल चैंपियन बनी। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के छात्रों ने 138 नेशनल और 87 इंटरनेशनल मेडल सहित 610 मेडल जीते हैं, जिनमें से कई मेडल विजेता खिलाड़ी हिमाचल प्रदेश से हैं। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी 6.5 रुपये के वार्षिक खेल बजट के साथ खिलाड़ियों को निशुल्क सुविधाएं प्रदान करती है। सीयू में 562 लड़कियों सहित 1183 छात्र एथलीट स्कॉलरशिप का लाभ उठा रहे हैं।
डॉ बावा बताया कि सीयू ने नेशनल और इंटरनेशनल खिलाड़ी दिए हैं। 2024 में ICC T20 वर्ल्ड कप में भारत के तेज़ गेंदबाज़ अर्शदीप सिंह चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के छात्र हैं। इंडियन कबड्डी टीम के कैप्टन अर्जुन अवॉर्डी पवन शेरावत और इंडियन हॉकी प्लेयर संजय, जो पेरिस ओलंपिक गेम्स में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली इंडियन हॉकी टीम का हिस्सा रहे हैं, भी उन कई एथलीटों में शामिल हैं जिन्होंने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा हासिल की।















