DNN शिमला
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बोर्ड-निगमों में नियुक्तियों के बाद भाजपा में मची हाय-तौबा पर चुटकी है। सुक्खू ने कहा कि आरएसएस-भाजपा की लड़ाई खुलकर सड़कों पर आ गई है। अब साफ हो गया है कि प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। आरएसएस ही सरकार चला रही है। सीएम तो सिर्फ मुखौटा हैं। नियुक्तियों में उनकी चल ही नहीं रही, न ही भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को पूछा जा रहा है। आरएसएस मुख्यालय से ही सीधे नियुक्तियां हो रही हैं। हाल ही में हुई बोर्ड-निगमों में नियुक्तियों से भाजपा और आरएसएस में चल रही लड़ाई का पटाक्षेप हो गया है। दोनों में चल रही वर्चस्व की जंग में आरएसएस किंग बनी हुई है। पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल व उनके समर्थक नेताओं को पूरी तरह से हाशिये पर धकेल दिया गया है। नियुक्तियों में उन्हें व दिग्गज नेताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। इससे भाजपा कार्यकर्ता व नेता पूरी तरह हताश हैं। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के वरिष्ठ नेताओं को भी प्रतिनिधित्व नहीं दिया जा रहा। भाजपा-आरएसएस की इस लड़ाई में जनता पिस रही है। विकास कार्य ठप हो गए हैं। नेता अपनी कुर्सी पक्की करने में लगे हैं और जनहित के कार्यों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। सुक्खू ने कहा कि भाजपा में दरकिनार हुए कांगड़ा, हमीरपुर व मंडी संसदीय क्षेत्रों के नेताओं का गुबार अभी और फूटेगा। चूंकि, सभी भाजपा दिग्गजों को दरकिनार कर आरएसएस के चहेतों को कुर्सी सौंप दी गई है। पूर्व सीएम के समधी गुलाब सिंह ठाकुर, रविंद्र रवि, सुरेश चंदेल, राधारमण शास्त्री, रिखी राम कौंडल, रूप सिंह व डॉ अनिल धीमान भी अंदरखाने बेहद नाराज हैं। किसी भी समय इनके सब्र का बांध टूट सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आगामी लोकसभा चुनावों में भाजपा की अंतर्कलह का फायदा मिलेगा। कांग्रेस एकजुट है और भाजपा की लड़ाई पर नजर रखे हुए है। लोकसभा चुनावों में कांग्रेस चारों सीटों पर जीत दर्ज करेगी।















