DNN सोलन ब्यूरो
लोगों को कोरोना संक्रमण से दूर रखने के लिए आयुर्वेद विभाग अहम भूमिका निभा रहा है। इसको लेकर आयुर्वेदिक विभाग त्रि-आयामी निधि के अनुरूप कार्य करने में लगा हुआ है। विभाग द्वारा एक ओर जहां लोगों को योग के माध्यम से निरोग रहने व अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए उपाय सिखाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर काढ़ा व जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को कोरोना वायरस के खतरे से दूर रखने का प्रयास भी किया जा रहा है। जिला सोलन में अभी तक मुख्य रूप से अग्रिम पंक्ति के कोरोनावरियर्स को प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए एवं कोरोना वायरस के बचाव के लिए मधुयष्टियादि कषाय के 3500 पैकेट उपलब्ध करवाए गए हैं।इसी के साथ आयुर्वेद विभाग जिला के विभिन्न कोविड केयर अस्पतालों में भी कार्य कर रहा है।
कोरोना वायरस से जन-जन से बचाने और विकास कार्यों को गति प्रदान करने के लिए यह आवश्यक है कि लोगों से नियमों का पालन करवाया जाए और ऐसी औषधियां भी उपलब्ध करवाई जाएं जो उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत बनाने में सहायक सिद्ध हो सके। आयुर्वेद विभाग ने कोविड-19 के दृष्टिगत जिला के विभिन्न क्वारेन्टीन केन्द्रों में रखे गए लोगों को योग के माध्यम से निरोग रहने के सूत्र प्रदान किए। विभिन्न क्वारेन्टीन केन्द्रों में 500 से अधिक व्यक्तियों को आसान योगासनों के माध्यम से न केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना सिखाया गया अपितु मानसिक एवं भावनात्मक दबाव से निपटने की जानकारी भी दी गई। उन्हें योग के माध्यम से जीवन जीने की कला का ज्ञान भी दिया गया। विभाग के इस प्रयास की क्वारेन्टीन केन्द्रों में रह रहे सभी व्यक्तियों ने सराहना की।
कैसे तैयार किया जा सकता है काढ़ा
घर पर 30 ग्राम तुलसी पाउडर, 20 ग्राम काली मिर्च, 30 ग्राम सौंठ तथा 20 ग्राम दालचीनी लेकर काढ़ा तैयार किया जा सकता है। विभाग ने जिला में अभी तक 600 सफाई कर्मियों एवं पर्यवेक्षकों को होम्योपैथिक इम्यूनिटी बूस्टर दवा ‘आर्सेनिकम एल्बम 30’ वितरित की है। आयुर्वेद विभाग सोलन जिला में लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक बना रहा है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जिला की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ब्राॅशर बांटे गए हैं। जिला प्रशासन के सौजन्य से आयुर्वेद विभाग ने सोलन जिला में ‘कोरोना वायरस के प्रकोप से बचाव के उपाय’ विषय पर 50 हजार ब्राॅशर लोगों को उपलब्ध करवाए हैं। इस ब्राॅशर में कोरोना महामारी से बचाव की आधारभूत जानकारी प्रदान की गई है। प्राणायाम, रोग प्रतिरोधक क्षमता वर्धक आयुर्वेदिक उपाय तथा आहार की जानकारी भी दी गई है।















