कोटी-थड गांव के बाद अब सनवारा के गांव में धंसी जमीन, मकानों में आई दरारें, गांव को जाने का रास्ता भी मटियामय

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DNN जाबली/सोलन (संजीव अत्रि)

02 सितंबर। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर आए दिन समस्याएं बढ़ती ही जा रही हैं। इस बरसात में भी कई जगहों पर फोरलेन कटिंग के बाद जमीन धंसने के मामले सामने आए है। जाबली के कोटी-थड के बाद अब सनवारा में जमीन धंस जाने से मकान पर खतरा मंडराया हुआ है। यही नहीं सनवारा में गांव को जाने वाला रास्ता भी मटियामय हो गया है। इसके चलते लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। अधिकतर परेशानी बीमार लोगों व बुजुर्गो को झेलनी पड़ती है।
बता दें कि हाई-वे पर पड़ता सनवारा के इस गांव में लगातार दरारें बढ़ रही है। हालत यह है कि मिट्टी दलदल बनती जा रही है। इस कारण गांव में रहने वाले लगभग छः परिवारों को डर सताया हुआ है। हैरानी की बात तो यह है कि जब लोगों द्वारा फोरलेन निर्माता कंपनी से सम्पर्क साधा जाता है तो वह कोई जबाब लोगों को नहीं देते है।लोगों का आरोप है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी  व प्रशासन  की लापरवाही से घरों को नुक्सान हुआ है।  लोगों द्वारा एक मकान का आंगन को सुरक्षित रखने के लिए मजबूरन लोगो ने लोहे के गर्डर लगाए हुए है।
लोगों का यह भी कहना है कि घरों के नीचे बेतरतीब ढंग से खुदाई और समय रहते हुए यहां पर सुरक्षा दीवारें नहीं लगाई थी। गांव के लोगों ने बताया कि दरारें लगातार बढ़ रही है। घर को जाने वाला रास्ता खत्म हो चुका है। सामान पहुंचाना मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासी भूमिदत ने बताया कि हमारे घर के लिए रास्ते का नामोनिशान मिट गया है और घर के लिए सामान लाना पशुओं के लिए चारा लाना समस्या खड़ी कर रहा है। गांव के भूमिदत , प्रवीण, सीमा, शीला,  मीना रतनी, रेनू, गोविंद ने बताया कि कि दरारें आने के बाद से वह डर के साये में  जी रहे है।  आने जाने में भी परेशानी झेलनी पड़ती है और इसका कोई सामाधान नहीं निकला जा रहा है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि जल्द इस ओर ध्यान दिया जाए ताकि समय रहते मकान सुरक्षित हो सके।

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