किस प्रकार से सौर सिंचाई योजना से समृद्ध हुआ एक परिवार क्या है सफलता की कहानी

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DNN कुल्लू

21 अप्रैल। कुल्लू तहसील के छदौड़ गांव के शोभा राम के पास पर्याप्त भूमि होने के बावजूद उसे परिवार का गुजर-बसर करने के लिए काफी मशक्त करनी पड़ती थी। खेती-बाड़ी के लिए वर्षा पर निर्भर रहना पड़ता और कड़ी मेहनत के बाद नकदी फसलोें की आमद तो न के बराबर थी। शोभा राम ने एक जनमंच के दौरान सौर सिंचाई योजना के बारे में सुना और तुरंत उनका ध्यान अपनी बंजर भूमि की ओर गया। उन्होंने योजना के बारे में जहां-तहां पता करने की कोशिश की और अन्ततः वह संबंधित विभाग के अधिकारी के पास पहुंचे। शोभा राम को अधिकारियों ने सौर सिंचाई योजना का लाभ प्राप्त करने की तमाम प्रक्रिया के बारे में समझाया और उन्हें फार्म इत्यादि भी उपलब्ध करवाए। योजना के प्रति शोभा राम की जिज्ञासा को देखते हुए अधिकारियों ने उसकी काफी मदद भी की। शोभा राम ने अपनी जमीन के साथ लगते चार और किसानों का समूह बनाया। सभी किसानों को योजना के फायदे के बारे में बताया। उसने पानी के टैंक तथा बोरवैल के लिए अपना आवेदन कृषि विभाग में किया। विभाग ने बोरवैल के लिए एक लाख 10 हजार रुपये का अनुदान दिया जबकि पानी के सामुदायिक टैंक के लिए लगभग पांच लाख रुपये की राशि प्रदान की।
अब शोभा राम के खेतों के लिए पानी की कोई कमी नहीं थी। उसने परिवार के सभी सदस्यों को अपने खेतों में अलग-अलग प्रकार की नकदी फसलों की बीजाई के काम में लगा दिया। सेब के पौधों के साथ-साथ लहसुन, मटर व अन्य साग सब्जियां भी लगाई गई। शोभा राम के बेटे राकेश कुमार के अनुसार एक साल में ही उनकी आय तीन गुणा से अधिक बढ़ गई। वर्ष 2020 में कोरोना के संकट के बीच भी परिवार ने एक लाख रुपये से अधिक की कमाई केवल सब्जी मेें की। इसके साथ परिवार को अब साग-सब्जी, फल व राशन इत्यादि बाजार से नहीं खरीदना पड़ता। सामुदायिक टैंक से चार अन्य किसानों को लाभ पहुंचा हैं। इनमें उमेश, खेम सिंह, भोला राम व दीना राम शामिल हैं। इन किसानों की पैदावार में भी गुणात्मक वृद्धि हुई है। टैंक से वर्तमान में लगभग 20 बीघा भूमि को सिंचाई की सुविधा प्रदान हुई है।
क्या है योजना
जिला के उप-भूसरंक्षण अधिकारी डाॅ. मनोज गौतम ने बताया कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने सौर सिंचाई योजना वर्ष 2018 में आंरभ की थी। योजना के तहत सरकार कम से कम पांच किसान समूह द्वारा सोलर पम्पिंग मशीनरी स्थापित करने के लिए शत-प्रतिशत व्यय वहन करने का प्रावधान था। योजना के तहत वर्ष 2019-20 के दौरान कुल्लू जिला के लिए कुल एक करोड़ 75 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया। इस अवधि में जिला में कुल 39 मामले स्वीकृत किए गए। डाॅ. मनोज का कहना है कि सौर सिंचाई योजना का नाम अब पीएम कुसुम योजना किया गया है। वर्तमान में योजना के तहत 85 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जा रहा है।  उन्होंने चालु वित्त वर्ष के दौरान योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए जिला के किसानों से आग्रह किया है।

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