ऐसी व्यवस्था…..अस्पताल में एक बेड दो मरीजों का हो रहा इलाज

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DNN सोलन ब्यूरो
11 मई।  कोरोना वायरस की इस जंग में सरकार द्वारा किए गए बेहतर व्यवस्थाओं के दावों की लगातार पोल खुल रही है। हालात यह है कि क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में एक बेड पर दो कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का उपचार किया जा रहा है। ऐसे में मरीजों की परेशानियां बढ़ती जा रही है और सोशल डिस्टनसिंग नहीं बन पा रही है। इस कारण कोविड संक्रमण बढ़ने का खतरा भी बना हुआ है। सोलन जिला में जैसे-जैसे  कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होती जा रही है, वैसे-वैसे व्यवस्थाओं की पोल भी खुलती जा रही है। उधर, सोलन के साथ लगते कोविड केयर सेंटरों को बन्द करने के बाद अभी तक दुबारा से फंगशनल न होने के कारण समस्याएं अधिक होती जा रही है और क्षेत्रीय अस्पताल सोलन पर अतिरिक्त बोझ पड़ता जा रहा है। यहां पर रोजाना कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज भर्ती हो रहे है।
हालांकि, सरकार द्वारा क्षेत्रीय अस्पताल सोलन को समर्पित कोविड अस्पताल नहीं घोषित किया गया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आदेशों के अनुसार आपात स्थिति को देखते हुए 20 बेड की व्यवस्था की गई है, लेकिन अधिक मरीजों के होने के चलते यह बेड भर गए है और अन्य मरीजों के आने पर एक बेड पर दो मरीजों को रखा जा रहा है।
बता दें कि बीते वर्ष कोरोना वायरस को देखते हुए नौणी, अर्की व अन्य जगहों पर पेरशासन द्वारा कोविड केयर सेंटर खोले गए थे। कोरोना वायरस की पहली लहर कम होने के बाद प्रशासन द्वारा इन कोविड केयर सेंटरों को बन्द कर दिया गया था, लेकिन अब फिर इन कोविड केयर सेंटरों के खोलने की जरूरत महसूस होने लगी है। वहीं अगर यह कोविड केयर सेंटर दूसरी लहर के आने पर ही खोल दिए जाते तो सोलन अस्पताल की स्थिति पर भी काबू पाया जा सकता था। स्थिति को देखते हुए क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के सर्जिकल वार्ड को कोविड वार्ड बनाया गया है और मंगलवार को 20 बेड पर 31 कोविड संक्रमित मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
उधर, आगामी दिनों में सोलन क्षेत्रीय अस्पताल में कोविड मरीजों को ले जाने के लिए अलग से रेम्प भी तैयार किया जा रहा है और जल्द ही सोलन अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट भी तैयार हो जाएगा।


क्षेत्रीय अस्पताल के सर्जिकल वार्ड को कोरोना वार्ड में बदला गया है। यहां पर 20 बेड लगाए गए है। रोजाना कोविड वार्ड में मरीज भर्ती हो रहे है। मंगलवार को 31 कोरोना मरीजों का इलाज अस्पताल में चला हुआ है। बेड न होने का बहाना नहीं बनाया जा सकता, क्योंकि कोरोना मरीजों को उपचार देना चिकित्सकों की प्राथमिकता है और इसके लिए चिकित्सक दिन रात कार्य कर रहे है।

-डा. एसएल वर्मा

चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल, सोलन।


 

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