DNN बीबीएन
25 अगस्त। औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में ट्रक ऑपरेटर यूनियन द्वारा माल भाड़े में छूट को वापस लेने के बाद उठे विवादों के बीच उद्योग संघों पर यूनियन ने भी जवाबी हमला बोल दिया है। एशिया की सबसे बड़ी ट्रक ऑपरेटर यूनियन में शुमार नालागढ़ ट्रक ऑपरेटर यूनियन ने बीबीएन के औद्योगिक संगठनों पर माल भाड़े में छूट वापस के मामले पर भ्रम फैलाने और माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया है। यूनियन ने कहा कि बीबीएन उद्योग संघ के साथ वर्ष 2019 में शर्तों के साथ भाड़े में छूट की सहमति बनी थी, लेकिन उद्योग संघ के सदस्यों ने शर्त पूरी नहीं की।

यूनियन द्वारा कई बार उन्हें इस बारे चिट्ठी के माध्यम से अवगत कराया गया है। ट्रक यूनियन के अध्यक्ष विद्यारत्न ने प्रेस वार्ता में कहा कि बीबीएनआई सहित अन्य उद्योग संघ द्वारा जो आरोप ट्रक यूनियन पर लगाए गए हैं, वह निराधार है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में ट्रक यूनियन ने माल भाड़े में छूट कुछ शर्तों के साथ लागू की थी और बकायदा बीबीएनआईए की इन शर्तो पर सहमति दी थी। इन शर्तों में कहा गया था कि इंडस्ट्री अपना डायरेक्ट लोड बढ़ाएगी इसके अलावा किराए की अदायगी पहुंच जमा होने के साथ दिन में सुनिश्चित करने जिन उद्योगों में अपने खुद के ट्रक डाले हैं। उन्हें अपने माल का 70 फ़ीसदी निष्पादन यूनियन के द्वारा करने की शर्त पर छूट दी गई थी।
यूनियन के प्रधान विद्यालय महासचिव जगदीश चंद्र उपप्रधान भाग सिंह चौधरी वह अन्य ने कहां की उन्होंने तो सहमति के बाद छूट को लागू तो कर दिया, लेकिन यह एक तरफा ही रहा।
यूनियन ने कहा कि यूनियन द्वारा जो भाड़ा 1982 में सरकार की मध्यस्था से तय किए गए थे। आज भी वही रेट चल रहे हैं। उनमें कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। विद्यारतन ने कहा कि उद्योगपति द्वारा सरकार पर भी उंगली उठाई गई, जो कि सरासर गलत है। वही ट्रक यूनियन के सदस्यों ने कहा कि ट्रक ऑपरेटर यूनियन को मुट्ठी भर लोगों की संस्था कहने पर यूनियन ने कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि यूनियन से 10 हजार ट्रक मालिकों और 50 हजार लोगों का घर चलता है। उस पर ऐसी टिप्पणी अस्वीकार्य है। यूनियन ने कहा कि हम किसी तरह का टकराव नहीं चाहते लेकिन यूनियन को कमजोर भी न समझें।



















