उपज को बेचेने के लिए किसानों को बाजार से जोड़े: प्रोफेसर चंदेल

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DNN सोलन

21 जून। कंडाघाट स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) सोलन की 18वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक मंगलवार को स्टेशन पर आयोजित की गई। आगामी वर्ष में केवीके द्वारा की जाने वाली गतिविधियों का रोडमैप तैयार करने के लिए डॉ. यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल की अध्यक्षता में यह बैठक ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में आयोजित की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल ने कहा कि केवीके को किसानों को बाजार से जोड़ना सुनिश्चित करना चाहिए ताकि वे आसानी से अपनी कृषि उपज को बाजार तक ले जा सकें। प्रोफेसर चंदेल ने प्राकृतिक खेती में एक समग्र दृष्टिकोण को शामिल करते हुए एक स्थायी उत्पादन प्रणाली की ओर बढ़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्टेशन का एक अनूठा स्थान लाभ है और इस लाभ का उपयोग देश में और किसानों के बीच अपनी एक अलग पहचान बनाने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने वैज्ञानिकों से किसानों के खेतों में प्राकृतिक कृषि प्रदर्शन मॉडल स्थापित करने को कहा, जो सड़क के नजदीक हो, ताकि परिणाम सभी को आसानी से दिखाए जा सके।

इस अवसर पर मशरूम अनुसंधान निदेशालय, चंबाघाट के निदेशक डॉ. वीपी शर्मा ने मशरूम में विविधीकरण का आह्वान किया और वैज्ञानिकों से शीटाके और औषधीय मशरूम की खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया। आईसीएआर अटारी जोन 1 के निदेशक डॉ परवेंद्र शेरोन ने कहा कि केवीके प्राकृतिक खेती पर अच्छा काम कर रहा है और वैज्ञानिकों से क्लस्टर और साक्ष्य-आधारित प्राकृतिक कृषि मॉडल स्थापित करने को कहा। साथ-साथ स्टेशन पर सूक्ष्म सिंचाई पर प्रदर्शन लगाने का आह्वान किया। उन्होनें इंडस्ट्री रेडी प्रमाणन पाठ्यक्रम पर भी ज़ोर दिया। डॉ. शेरोन ने कहा कि अटारी केवीके के नए वैज्ञानिकों के लिए उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित करेगा ताकि वे केवीके के कामकाज से अच्छी तरह वाकिफ हो सकें।

चर्चा के दौरान, कृषि, बागवानी और पशुपालन विभागों के प्रतिनिधियों ने एक दूसरे विभागों की गतिविधियों को कवर करने वाले संयुक्त कार्यक्रमों के आयोजन का आह्वान किया ताकि प्रशिक्षण कार्यक्रमों से और भी बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सके। इससे पहले केवीके समन्वयक डॉ. जितेंद्र चौहान ने केवीके की प्रगति रिपोर्ट और आगामी वर्ष के लिए नियोजित गतिविधियों को प्रस्तुत किया। डॉ. इंदर देव, विस्तार शिक्षा निदेशक ने लाइन विभागों से किसानों की समस्याओं के बारे में अपनी प्रतिक्रिया स्टेशन के साथ साझा करने के लिए कहा ताकि कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक उनकी समस्याओं पर कार्य कर सके। इस बैठक में प्रधान वैज्ञानिक अटारी डॉ. राजेश राणा, एसएमएस बागवानी डॉ. शिवली ठाकुर, बागवानी विकास अधिकारी डॉ. सरिता; जिला कृषि अधिकारी डॉ. सीमा कंसल, परियोजना निदेशक आत्मा डॉ. योगराज, सहायक निदेशक पशुपालन डॉ. मनदीप कुमार; प्रगतिशील किसान पद्मा शर्मा, करण पाठक, कुलदीप शर्मा, अभिनव ने भाग लिया। बैठक में डीएफओ सोलन कुणाल अंगरीश व प्रगतिशील किसान पवन कौशल, कमलेश व शीला शर्मा ऑनलाइन शामिल हुए।

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