DNN शिमला
शिमला के रिज मैदान पर आज जातर नृत्य का आयोजन किया गया। बारिश और ओलावृष्टि के बीच शिमला और सोलन जिलों की 18 ठकुराइयों और 22 रियासतों के प्रमुख देवता डोमेश्वर देवता का जातर नृत्य किया गया। देवता का स्वर्ण जटित प्रतिमा युक्त पालकी का नृत्य आकर्षण का केन्द्र रहा। जातर उत्सव को देखने के लिए रिज मैदान पर खूब भीड़ जुटी। देवता का स्वर्ण जटित प्रतिमाओं से युक्त रथ रिज पर नृत्य करते दिखा। रथ की परिक्रमा में देवलुओं का पारंपरिक वेशभूषा में परंपरागत चोल्टू नृत्य का आयोजन किया गया।
डोम सन्नाटा देवता गुठाण के प्रमुख कारदार मदन लाल वर्मा ने बताया कि देवधुन पर यह देवनृत्य पारंपरिक रीति है। यह हर 20 साल बाद होता है। इस मौके पर देवता तमाम शिमलावासियों को सुख एवं समृद्धि का आशीर्वाद दिया। इस देव परंपरा को निभाने में सहयोग देने के लिए उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। माना जाता है कि डोमेश्वर सदियों पहले हिमाचल के सोलन व शिमला क्षेत्र के एक प्रसिद्ध योद्धा थे, जिन्हें देवत्व प्राप्त हुआ।















