DNN सोलन
सीनियर सिटीजन डे के अवसर रोटरी क्लब सोलन व् इनरव्हील क्लब सोलन ने कार्यक्रम का आयोजन रिक्रिएशन सेन्टर केयर एंड शेयर मे किया गया। इस प्रोग्राम में उन बुजुर्गों के चेहरे पर ख़ुशी आई जो अपने बच्चों से दूर रह कर ज़िन्दगी गुज़ार रहे हैं। कार्यक्रम का शुभारम्भ जिला कल्याण अधिकारी बीएस ठाकुर ने किया।
विश्व सीनियर सिटीजन दिवस की घोषणा पहली बार 1990 में 14 दिसंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा की गई थी। इस दिवस की वृद्ध लोगों को प्रभावित करने वाले कारणों व उनके मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए शुरुआत की गई है, जिनमें बढ़ती उम्र के साथ सेहत में गिरावट व बुजुर्ग लोगों के साथ दुर्व्यवहार शामिल है। इस दिवस का एक मुख्य मकसद समाज की ओर बुजुर्ग लोगों द्वारा दिए योगदान के लिए भी मनाया जाता है। विश्व सीनियर सिटीजन दिवस पर शहर के सीनियर सिटिजन्स को मिलने वाले अधिकारों प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए विचार चर्चा की।
रोटरी क्लब सोलन के प्रधान मनीष तोमर सभी बुजुर्गों का कार्यक्रम मे किया और बताया की अकेलापन किसी परिस्थिति से ज्यादा वह मानसिक स्थिति है, जिसे आप चाहें तो सकारात्मक तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं, अन्यथा यह आगे चलकर एक विकृति का रूप ले लेती है। रिटायरमेंट के बाद भी अगर बुजुर्ग अपने आपको सामाजिक तौर पर एक्टिव रखें तो एक स्वस्थ जिंदगी जी सकते हैं। किन तरीकों से रिटायरमेंट के बाद भी आप जिंदगी की क्लास में शत-प्रतिशत योगदान दे सकते हैं।
जिला कल्याण अधिकारी बीएस ठाकुर ने बतया कि मैंटेनेंस ऑफ पेरेंट्स एंड जिला कल्याणएक्ट 2007 के तहत प्रदेश सरकार द्वारा कानून बनाया गया है, जो बच्चे अपने बुजुर्ग माता-पिता को नही संभाल सकते, तो उस हालात में माता पिता अपनी जमीन वापिस ले सकते है। इसके लिए नोड़ल अफसर वहां का एसडीएम होता है व इसकी कोई अपील नही हो सकती है। इस केस में कोई व्यक्ति वकील नही ले सकता है। परंतु सीनियर सिटीजन को इस एक्ट के प्रति जागरूक करने की जरूरत है।
कार्यक्रम मे अरुण त्रेहन, विजय दुग्गल,रोमेश अग्रवाल, कृपाल कँवर, गौरव सिन्हा, अजेश शर्मा , सुखदेव रतन इनरव्हील क्लब प्रेजिडेंट आरती दुग्गल व नीलम साहनी , मधु गुप्ता विमला इंदु ठाकुर आदि मुख्य रूप से शामिल थे।
सीनियर सिटीजन डे के अवसर रोटरी क्लब सोलन व् इनरव्हील क्लब सोलन ने कार्यक्रम का आयोजन रिक्रिएशन सेन्टर केयर एंड शेयर मे किया गया। इस प्रोग्राम में उन बुजुर्गों के चेहरे पर ख़ुशी आई जो अपने बच्चों से दूर रह कर ज़िन्दगी गुज़ार रहे हैं। कार्यक्रम का शुभारम्भ जिला कल्याण अधिकारी बीएस ठाकुर ने किया।
विश्व सीनियर सिटीजन दिवस की घोषणा पहली बार 1990 में 14 दिसंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा की गई थी। इस दिवस की वृद्ध लोगों को प्रभावित करने वाले कारणों व उनके मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए शुरुआत की गई है, जिनमें बढ़ती उम्र के साथ सेहत में गिरावट व बुजुर्ग लोगों के साथ दुर्व्यवहार शामिल है। इस दिवस का एक मुख्य मकसद समाज की ओर बुजुर्ग लोगों द्वारा दिए योगदान के लिए भी मनाया जाता है। विश्व सीनियर सिटीजन दिवस पर शहर के सीनियर सिटिजन्स को मिलने वाले अधिकारों प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए विचार चर्चा की।
रोटरी क्लब सोलन के प्रधान मनीष तोमर सभी बुजुर्गों का कार्यक्रम मे किया और बताया की अकेलापन किसी परिस्थिति से ज्यादा वह मानसिक स्थिति है, जिसे आप चाहें तो सकारात्मक तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं, अन्यथा यह आगे चलकर एक विकृति का रूप ले लेती है। रिटायरमेंट के बाद भी अगर बुजुर्ग अपने आपको सामाजिक तौर पर एक्टिव रखें तो एक स्वस्थ जिंदगी जी सकते हैं। किन तरीकों से रिटायरमेंट के बाद भी आप जिंदगी की क्लास में शत-प्रतिशत योगदान दे सकते हैं।
जिला कल्याण अधिकारी बीएस ठाकुर ने बतया कि मैंटेनेंस ऑफ पेरेंट्स एंड जिला कल्याणएक्ट 2007 के तहत प्रदेश सरकार द्वारा कानून बनाया गया है, जो बच्चे अपने बुजुर्ग माता-पिता को नही संभाल सकते, तो उस हालात में माता पिता अपनी जमीन वापिस ले सकते है। इसके लिए नोड़ल अफसर वहां का एसडीएम होता है व इसकी कोई अपील नही हो सकती है। इस केस में कोई व्यक्ति वकील नही ले सकता है। परंतु सीनियर सिटीजन को इस एक्ट के प्रति जागरूक करने की जरूरत है।
कार्यक्रम मे अरुण त्रेहन, विजय दुग्गल,रोमेश अग्रवाल, कृपाल कँवर, गौरव सिन्हा, अजेश शर्मा , सुखदेव रतन इनरव्हील क्लब प्रेजिडेंट आरती दुग्गल व नीलम साहनी , मधु गुप्ता विमला इंदु ठाकुर आदि मुख्य रूप से शामिल थे।















