SOLAN में फर्जी डॉक्टर के बाद अब पकड़े फर्जी साधु जांच में जुटी है पुलिस

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DNN सोलन (मोहन ठाकुर)

जिला में फर्जी डॉक्टर मिलने के बाद अब स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी से फर्जी साधु बनकर घूम रहे कुछ युवकों को पुलिस ने पकड़ा है । मौके पर अभी जांच चल रही है ।
जानकारी के अनुसार सोलन के बड़ोग क्षेत्र में पुलिस ने कुछ संदिग्ध युवकों को घूमते हुए पकड़ा है। यह युवक साधु के भेष में क्षेत्र में घूम रहे थे। जबकि आधार कार्ड में इनके नाम व पते अलग हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद बड़ोग के प्रधान सुनील कश्यप भी मौके पर पहुंचे और बताया कि स्थानीय लोगों द्वारा उन्हें सूचना दी गई कि यहां पर कुछ युवक साधु के भेष में घूम रहे हैं। यहां पर मौजूद एक पुलिस कर्मचारी ने जब इनके आधार कार्ड चेक किए तो इसमें इनके नाम अलग थे। पंजाब का पता था और आधार कार्ड में इनके नाम मोहम्मद रफी, मजिज व साजन लिखे हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद पंचायत के लोगों व पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है और मामले की जांच की जा रही है।

वहीं जिला सोलन में रविवार को एक संस्था द्वारा लगाए गए चिकित्सा शिविर में फर्जी डॉक्टर द्वारा मरीजों को देखने व उनसे पैसे ऐंठने का मामला सामने आया था। हालांकि जैसे ही संस्था के सदस्य को इस मामले की भनक लगी। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी उसके बाद मेडिकल कैंप में मौजूद डॉक्टर व उसके अन्य साथियों को पुलिस ने थाने में तलब किया और मामले की पूछताछ की। जिसमें खुलासा हुआ कि मरीजों को देख रही महिला के पास मेडिकल की कोई डिग्री ही नहीं है। पुलिस ने इस महिला चिकित्सक को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार 3 लोगों ने धर्मपुर की एक संस्था से कुछ दिनों पहले क्षेत्र में एक मेडिकल कैंप लगाने का आग्रह किया। इसके बाद संस्था के सदस्यो ने यह सोचकर मेडिकल कैंप लगाने का विचार लिया कि लोगों को इसका फायदा होगा। इसके बाद कैंप को लगाने को लेकर संस्था ने एक दिन निर्धारित किया और संस्था पूर्व पंचायत प्रतिनिधि व एक अन्य व्यक्ति के संपर्क से महिला चिकित्सक को डॉक्टर बताकर मिलवाया।
इस मुलाकात में यह भी कहा कि यह महिला पीजीआई चंडीगढ़ व डब्ल्यूएचओ से अधिकृत है इसके बाद संस्था ने सामाजिक कार्य समझ कर कैंप लगाने की हामी भर दी और कैंप की तैयारी शुरू की योजना के अनुसार रविवार करीब 12:00 बजे से मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप में धीरे-धीरे लोगों ने आना शुरू किया और महिला चिकित्सक लोगों के उपचार देने के बाद ऑनलाइन दवाइयों को भेजने और ऑनलाइन ही पेमेंट करने की बात करती रही। इसी दौरान एक अन्य व्यक्ति जो इस टीम के साथ आया था। वो सभी मरीजों के नाम, आधार नंबर वह फोन नंबर लिखता रहा। यही नहीं किसी भी मरीज को पर्ची व अन्य डिटेल नहीं दी जा रही थी। ऐसा होने पर संस्था के सदस्यों को चिकित्सक की कार्यशैली पर शक हुआ और इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दे दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तीन लोगों के साथ महिला चिकित्सक को भी पकड़ा और आगामी कार्रवाई के लिए उन्हें पुलिस थाने ले जाया गया और मामला दर्ज कर लिया।

वही एएसपी अशोक वर्मा ने कहा कि बड़ोग में साधु के भेष में घूम रहे युवकों को लेकर जांच चल रही है। जबकि फर्जी महिला डॉक्टर के मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।

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