#solan में निजी बसें चलाने का फैंसला लेंगे 25 जून के बाद

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DNN सोलन (आदित्य सोफत)
सोलन में शूलिनी निजी बस ऑपरेटर यूनियन 25 जून के बाद निजी बसें चलाने का फैंसला लेंगे। यह निर्णय शूलिनी बस ऑपरेटर यूनियन ने सोमवार को हुई बैठक में लिया है। बैठक की अध्यक्षता यूनियन के प्रधान मेहता रघुवीन्द्रा सिंह ने की। बैठक में बताया  गया कि रविवार को प्रदेशभर के निजी बस ऑपरेटरों की बैठक हुई है। इस बैठक में परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर व अन्य उच्चाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे। इस दौरान प्रदेश भर के निजी बस ऑपरेटरों ने विभिन्न प्रकार की मांगे रखी है। मांगो के बाद निजी बस ऑपरेटरों को आश्वस्त किया गया कि 25 जून को होने वाली केबिनेट बैठक में निजी बसों के हितों के लिए फैसला लेगी। इसी को देखते हुए सोमवार को यूनियन द्वारा एक बैठक बुलाई गई और बैठक में यह निर्णय हुआ कि 25 जून को सरकार के फैसले के बाद ही शूलिनी निजी बस ऑपरेटर बैठक कर बसें सड़को पर दौड़ेगी। बता दें कि प्रदेशभर में सरकार द्वारा 01 जून से बसों को चलाने का फैंसला लिया था। इस दौरान शूलिनी बस ऑपरेटर यूनियन ने बसें न चलने का फैंसला लिया था। इसके पश्चात जिला सोलन में  एचआरटीसी ने विभिन्न रूटों पर बसें दौड़ाई थी। इसमें अशोक सूद, राजेश शर्मा, मनोज, रमेश वर्मा, बलवीर सिंह, किशन ठाकुर, यशपाल कप्लेश, किशन सिंह, सी.के. शर्मा, प्रमोद कुमार, जय सिंह कश्यप, रमन सूद, साहिल सूद, मनोज दीक्षित, लायकर राम व अन्य करीब 25 से 30 आपरेटर मौजूद रहे।

लगातार बढ़ रहे है डीजल के दाम
यूनियन का कहना है कि लगातार डीजल के दामों में बढ़ोतरी हो रही है। दूसरी ओर बसों में 60 फीसदी सवारियां लेकर जाना ही नियम बनाए गए है। इस कारण सारा बोझ ऑपरेटरों पर ही पड़ रहा है। कई राज्यों द्वारा बसों के किराए बढ़ाए है और प्रदेश के निजी बस ऑपरेटर भी यही चाहते है कि सामान्य किराए व न्यूनतम किराए में वृद्धि की जाए। उनका कहना है कि निजी बस ऑपरेटर 60 फीसदी क्षमता में बसें दौड़ाने को तैयार है और सरकार से बसों में बची 40 फीसदी सीटों का किराया सब्सिडी के रूप में देने की मांग की है। साथ ही बैठक में सुझाव दिया कि जल्द ही सरकार तक एक समीक्षा कमेटी बनाने की मांग पहुंचाएगी। यह समीक्षा कमेटी डीजल की दरों के आधार पर बस किराए में कमी और वृद्धि करें।

सरकार का किया धन्यवाद
शूलिनी निजी बस ऑपरेटर यूनियन द्वारा सरकार का धन्यवाद किया कि सरकार ने चार महीनों के टैक्स माफ किया है। आपरेटरों ने मांग की है कि विशेष पथ पर व टोकन टैक्स निजी बस आपरेटरों को लगाया जाता है इसे 31 मार्च 2021  तक इन परिस्थितियों में माफ् किया जाए और बसों का प्रीमियम 60 फीसदी सीटों पर ही लगाया जाए।

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