DNN सोलन ब्यूरो
18 फरवरी। नगर निगम सोलन में चुनाव को लेकर मतदान सूचियों में नाम दर्ज या इससे संबंधित कार्यों के लिए प्रशासन के पास चार हज़ार से अधिक आवेदन पहुंचे है। प्राप्त हुए आवेदनों का इन दिनों निरीक्षण का कार्य चला हुआ है। गुरुवार को इस कार्य का दूसरा दिन था और इस दौरान मौके पर उपमंडलाधिकारी सोलन अजय कुमार यादव ने कमान संभाली हुई थी। निरीक्षण कार्य में लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसको लेकर प्रशासन द्वारा दो टीमों का गठन किया गया है। उधर, इस दौरान लोगों को यह साफ़ किया गया है कि मतदाता की वोट या तो पंचायत में हो सकती है, या फिर नगर निगम और नगर परिषद में हो सकती है। इसको लेकर यह ध्यान भी रखा जा रहा है कि ग्राम पंचायत में जो वोट बने है और उन्होंने पंचायत के लिए मतदान किया है उनके वोट नहीं बनाए जा रहा
है।
है।26 फ़रवरी को प्रकाशित होनी है अंतिम सूचिया
बता दें कि 11 फरवरी को नगर निगम सोलन का इलेक्ट्रोल जारी किया गया था। इस जारी इलेक्ट्रोल को विभिन्न माध्यमों से लोगों ने जांचा और निर्धारित समय में अपनी आपत्तियां प्रशासन को दी थी। आपत्तियों के आने के बाद प्रशासन ने इसकी स्क्रूटनी की व इन दिनों निरीक्षण का कार्य चला हुआ है। प्रशासन के पास अधिक आवेदन आने के चलते समय भी अधिक लग रहा है। हालांकि, प्रशासन इस कार्य को पूरा करने के लिए कोई भी कौर कसर नहीं छोड़ रहा है। 19 फरवरी तक इन आवेदनों का निरीक्षण के पश्चात 19 से 24 फरवरी तक इनमे भी कोई समस्या है तो आपत्तियां दर्ज की जा सकती है। इसके लिए आवेदक उपमंडलाधिकारी कार्यालय सोलन में अपील दर्ज करवा सकता है। यह सभी कार्य पूरा होने के बाद 26 फरवरी को अंतिम सूचि प्रकाशित कर दी जाएगी।
कम आवेदन ही हुए रिजेक्ट
वोट कार्य के लिए कुल 4,300 आवेदन प्राप्त हुए है। इन आवेदनों में से गुरुवार तक बहुत कम आवेदन ही रद्द हुए है। इन रद्द हुए आवेदनों में वह फार्म है जोकि भारत के मूल निवासी नहीं है और गलत फार्म भरे गए है। साथ ही त्रुटियों को भी देखा जा रहा है। 

लोगों का प्रशासन के खिलाफ फूटा गुस्सा
निरीक्षण के दौरान लोगों ने प्रशासन पर सवाल खड़े किए है। लोगों का कहना था कि वह सुबह 10 बजे से कतार में है, लेकिन उपस्थित प्रशासन के कर्मी उन लोगों की ही सुनवाई कर रहे है जिन्हे वह जानते हैं। जबकि अन्य लोग लाइनों में ही खड़े रहे है। इसके कारण सोशल डिस्टेंडिंग का पालन भी नहीं हो पा रहा है।
तंत्र पूरी तरह से फेल
कांग्रेस महासचिव शिव दत्त ठाकुर का कहना है कि नगर निगम चुनावों से पहले ऐसा पहली बार देखा जा रहा है कि लोगों को नई वोट बनाने व इससे संबंधित अन्य कार्य के लिए आना पड़ रहा है। इससे पहले जांच-पड़ताल घर-घर जाकर की जाती थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह भी देखा जा रहा है कि कई लोग अपने-अपने लोगों के कागज लेकर आ रहे है, जोकि पूरी तरह से गलत है। इस दौरान उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा लगाए गए तंत्र को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि यह तंत्र पूरी तरह से फेल है। इससे पहले पंचायत चुनावों में भी लोगों के वोट काटे गए है। उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान तहसील कार्यालय में वोट बनाने के लिए अधिक भीड़ एकत्र करना अपने आप में सवाल खड़े कर रहा है और लोगों को समस्या न हो इसके लिए अधिक सेंटर इस कार्य के लिए बनाए जाने चाहिए थे।
क्या कहना है उपमंडलाधिकारी सोलन
उपमंडलाधिकारी सोलन अजय कुमार यादव का कहना है निर्धारित समय के साथ कार्य पूरा किया जा रहा है और 4,300 आवेदन प्रशासन को प्राप्त हुए है। गुरुवार इनका निरिक्षण कार्य किया गया है। अभी तक उनके आवेदन ही रिजेक्ट हुए है जोकि भारत का मूल निवासी न होक नेपाल का निवासी है या आधे अधूरे फार्म को रिजेक्ट किया गया है। उन्होंने बताया कि इस बात कि शिकायतें प्राप्त हुई थी की कई लोगों की वोट दो वार्डों में है, लेकिन इस प्रकार बिलकुल भी नहीं होने दिया जाएगा और सॉफ्टवेयर में वोट डिलीट हो जाएगी। उन्होंने अपील की है कि दिए गए समय के साथ ही आप अपना कार्य करवाने के लिए आए।















