DNN शिमला
राजधानी शिमला में एक शातिर ठग आर्मी की ड्रैस पहनकर ठगी करने का प्रयास कर रहा है। ऐसे में होटल व रेस्टोरैंट के मालिकों को सावधान रहना होगा। यह शातिर ठग अपने आप को जतोग कैंट का जवान बताता है, जबकि यह आर्मी वाला नहीं है। अगर आपने थोड़ी सी भी गलती कर दी तो आपको ठगी का शिकार बना सकता है। इसका खुलासा तब हुआ जब फर्जी जवान मालरोड पर एक रैस्टोंरैट के मालिक से ठगी करना चाह रहा था। मालरोड पर क्वीक तंदूरी मोमोज रैस्टोरैंट के मालिक ने बताया कि उसके पास 15 दिन पहले आर्मी की ड्रेस में एक जवान आया है। उसने यहां पर खाना खाया। हालांकि इस दौरान उसने अपना बिल के पैसे दिए, लेकिन मालिक से वह कहने लगा कि मैं जतोग कैंट से हूँ । हमारे यहां महीने में एक या दो बार पार्टी होती रहती है। ऐसे में आपको में खाने का ऑडर दे दूंगा। रैस्टोरैंट के मालिक ने भी उसको बताया कि आपको खाना मिल जाएगा। 16 जुलाई की शाम को उस शातिर ठग का रैस्टोरैंट के मालिक को फोन आया कि हमारे यहां पार्टी है और आप हमें 10 हजार रूपए का खाना पैक करवा लो। ऐसे में रैस्टोरैंट के मालिक ने भी 10 हजार रूपए का खाना तैयार कर लिया। जब मालिक ने उसे फोन किया कि आपका खाना तैयार है। आप हमें ऑडर का कुछ पैसा भेज दो। शातिर ठग भी पैसे भेजने को तैयार हो गया और मालिक से फोन पे के बारे में पूछा। शातिर ठग ने स्वयं टाइप करके भेेज दिया कि आपको पैसा ट्रांस्फर हो गया है, लेकिन एकाउंट में पैसा नहीं आया। बाद में फर्जी जवान ने मालिक को कहा कि आपके फोन पे पर ऑटोमेटिक कॉलम का ऑपशन आ रहा है, इस पर क्लीक कर दो, लेकिन मालिक भी इस दौरान सर्तक हो गया और ऑटोमेटिक कॉलम के ऑपशन पर क्लीक नहीं किया। अगर ऐसा कर देता तो मालिक ठगी का शिकार हो जाना था, क्योंकि फिर मालिक के खाते से पैसे कट जाने थे। जब मालिक ने उसे मना कर दिया कि वह ऑटोमेटिक कॉलम का ऑपशन पर क्लीक नहीं करेंगा तो वह फोन करने लगा। फोन पर वह कहने लगा की मैं चोर हुं। बाद में रैस्टोरैंट के मालिक का 10 हजार रूपए का खाना पैक करवाया हुआ ही रह गया और बाद में उसे फेंकना पड़का। मालिक का इस दौरान 10 हजार रूपए का नुकसान हुआ। रैस्टोरैंट के मालिक ने इससे संबंधित पुलिस व सी.एम. हेल्प लाइन पर शिकायत की है। बताया जा रहा है कि इसी शातिर ठग ने एक अन्य रैस्टोरैंट में भी ठगी करने के प्रयास किए है।
ठगी करने वालों की बड़ी गैंग होने की अशंका
ठगी करने वाले इस जवान के पीछे बड़ी गैंग होने की अशंका है। यह जवान पूरे सिस्टम के साथ फर्जी चिजें लिखकर भेज रहा है। ऐसा भी हो सकता है कि यह अन्य जगह पर भी इस तरह की ठगी करते होगे। यह जवान तो आर्मी को भी बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। आर्मी का हवाला इसलिए देते है ताकि वह असानी से ठगी कर पाए। इस फर्जी जवान को पकडऩा आवश्यक है। अगर इसे नहीं पकड़ा गया तो कई लोग ठगी के शिकार हो सकते है।
पुलिस अधीक्षक शिमला मोहित चावला ने कहा कि अभी मेरे पास इस तरह की सूचना तो नहीं है। अगर आर्मी की ड्रेस में ऐसा कोई युवक घूम रहा है और ठगी करने का प्रयास कर रहा है। उसे तुरंत पकड़ लिया जाएगा। इस तरह के लोगों को विल्कुल भी बदार्शत नहीं किए जाएंगे। पुलिस इन पर सखत से सखत कार्रवाई करेंगी।















