DNN सोलन
12 अक्टूबर। डॉ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित आईसीएआर के संस्थागत विकास योजना (आईडीपी) के तहत कई वेबिनार आयोजित किए जा रहे हैं। इस परियोजना का उद्देश्य स्नातक स्तर पर गुणवत्ता शिक्षा को बढ़ावा देना है। कुलपति डॉ परविंदर कौशल आईडीपी के परियोजना लीडर हैं, जबकि डॉ केके रैना समन्वयक हैं।
इस परियोजना के तहत, विश्वविद्यालय की आईडीपी टीम द्वारा स्नातक छात्रों के बीच सॉफ्ट स्किल्स को बढ़ाने पर वेबिनार श्रृंखला आयोजित की गई। विश्वविद्यालय के चारों कॉलेज के बागवानी, वानिकी और जैव प्रौद्योगिकी विषयों के स्नातक छात्रों ने इन वेबिनारों में भाग लिया। कुलपति डॉ परविंदर कौशल ने बताया कि इन वेबिनार को विशेष रूप से छात्रों के व्यक्तित्व विकास करने और उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए तैयार किया गया है जो जीवन में सफल होने के लिए आवश्यक होते हैं। इसके लिए, विश्वविद्यालय ने कौशल विकास कोच और ट्रांसफॉर्मर वैल्यू क्रिएटर्स की सीईओ मंजुला सुलेरिया की सेवाओं को लिया गया। मंजुला विश्वविद्यालय की भूतपूर्व छात्रा है।
वेबिनार के दौरान सकारात्मक शारीरिक हाव – भाव, स्मृति और आत्मविश्वास निर्माण और पब्लिक स्पीकिंग का कौशल, सामाजिक मूल्य और नैतिकता; संचार कौशल और नेतृत्व मूल्य जैसे विषयों कवर किए गए। सभी कॉलेजों के स्नातक छात्रों के अलावा, इन वेबिनार में डॉ पीके महाजन, डॉ रविंदर शर्मा, डॉ केके रैना और आईडीपी के टीम के सदस्यों ने भाग लिया।















