हिमाचल प्रदेश के लोगों को अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए जल्द ही एक नया स्कूल मिलने वाला है। सतलुज ग्रुप ऑफ स्कूल्स ने प्रदेश में अपने पार्टनरशिप्स स्कूलों की घोषणा की है। इस महत्वकांक्षी योजना में देश के विभिन्न शहरों में सतलुज वर्ल्ड स्कूल्स और लिटिल सतलुज प्रीस्कूल्स की स्थापना किया जाना है। समूह का प्रमुख फोकस सोलन है जोकि पंचकुला स्थित सतलुज के मुख्यालय का निकटवर्ती स्थान है।
सतलुज ग्रुप ऑफ स्कूल्स का स्थापना प्रीतम सिंह सराय ने चंडीगढ में एक किराये के मकान में मात्र तीन विद्यार्थियों से वर्ष 1976 में की थी जोकि वर्तमान में शिक्षा जगत की परम्परा और आधुनिकता के बेहतरीन समावेश है तथा इसी के चलते स्कूल की गणना देश के सर्वोच्च शैक्षिणिक संस्थानों में की जाती है। डिजिटल लर्निंग में हरियाणा में प्रथम स्थान तथा एज्यूकेशन टुडे द्वारा देश भर में पांचवे स्थान सहित अन्य सर्वश्रेष्ठ रेंकिंग के साथ साथ सतलुज को गत दिनों युनाईटिड किंग्डम (यूके) की संसद- हाऊस ऑफ कामन्स में विदेश और भारत में ‘ग्रेट प्लेस टू स्टडी’ से भी नवाजा जा चुका है। 
पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुये सतलुज ग्रुप ऑफ स्कूल्स के प्रबंध निदेशक रिकृत सराय ने बताया कि कई निवेशकों के लिये सांझेदारी रोचक रहेगी। इन स्कूलों का उद्देश्य प्रदेश में इंटरनैश्नल एज्यूकेशनल स्टेंडर्ड (मापदंडों) को हिमाचल प्रदेश के लोगों तक पहुंचाना है। ग्रुप अगले पांच सालों में पच्चीस स्कूलों के स्थापना की योजना बना रहा है जिसमें एज्यूकेशनल हब सोलन उनमे से प्रमुख है। उन्होंनें बताया कि प्रदेश में शिक्षा जगत को ओर अधिक उत्थान करने के साथ यह राज्य में सांझा निवेश का मौका प्रदान करवायेगा तथा साथ ही योग्य लोगों को शिक्षण और सपोर्ट स्टाफ के लिये रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करवायेगा। सतलुज बैनर के तले 12 संस्थायें हैं जिसमें पच्चीस हजार से भी अधिक विद्यार्थी और 650 से भी अधिक फैकेल्टी सदस्य शामिल हैं। कई विद्यार्थियों की एल्मुनाई ऐसोसियेशन – सतलुज हैरिटेज ऐसोसियेशन है जिसमें फार्च्यून 500 कंपनियो के दिग्गज लीडर्स, उद्यमी, ब्यूरोक्रेट्स, राजनेता, लेखक, कलाकार आदि हस्तियां शामिल हैं। सतलुज वर्ल्ड स्कूल्स और लिटिल सतलुज प्रीस्कूल्स इस समूह के माध्यम से उन शिक्षा उद्यमियों को मौका प्रदान करवा रहा है जो कि अपनी लोकेशनों में अपने सपनों का स्कूल स्थापित करने का स्वपन देख रहे हैं जिसको अंजाम सतलुज समूह करेगा।















