DNN सोलन ब्यूरो
08 मई। प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू का असर एचआरटीसी पर भी दिखाई देने लग गया है। सरकार की बंदिशों के बाद बहुत कम लोग घरों सेबाहर निकल रहे हैं, जिसके चलते एचआरटीसी बसों के पहिए भी थम गए हैं। निजी बसें तो पहले ही हड़ताल पर हैं, वहीं शनिवार को सोलन की सड़कों से एचआरटीसी की बसें भी गायब हो गई। सोलन डिपो की केवल 12 बसें ही रूट पर चली। शनिवार को सोलन आने जाने वालों को एचआरटीसी की बसें कम होने केकारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जरूरी सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों को तो घर से बाहर निकलना ही पड़ रहा है। जिन लोगों केपास अपने वाहन हैं उन्हें तो अधिक परेशानी नहीं हुई, लेकिन जिनलोगों के पास अपने वाहन नहीं है और बसों में ही सफर करते हैंउन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दो पहिया वाहनों पर भी 01 से अधिक लोगों को बैठने नहीं दिया जा रहा है व निजी वाहन चालक भी किसी को लिफ्ट देने से परहेज कर रहे हैं। ऐसे में बिना वाहन लोगों को या तो मीलों तक पैदल यात्रा करनी पड़ी या फिर टैक्सियों को भारी किराया देकर जेब खाली करनी पड़ी।
बता दें कि सोलन डिपो की करीब 119 बसें 95 रूटों पर चलती हैं, लेकिन कोरोना कर्फ्यू के कारण सवारियां न मिल पाने के कारण बसों को नहीं चलाया जा रहा है। शनिवार को सोलन डिपो की 12 बसें ही रूट पर चली व इनमें भी बहुत कम सवारियां थी।
अब सवारियों का इंतजार
वक्तकब बदल जाए इसका पता नहीं चलता, साहब। पहले जहां सवारियां बसों के इंतजार में खड़ी रहती थी। वहीं अब बसें सवारियों का इंतजार करती नजरआ रही हैं। सोलन डिपो की 3 बसें भी अपने गंतव्य की ओर तो निकली, लेकिन वापसी के लिए अब सवारियों का इंतजार कर रही हैं। सवारियां मिलेतो वापस चलें, लेकिन वापस लौटना भी घाटे का सौदा लग रहा है। इसकेचलते यह बसें वापस अपने गंतव्य तक नहीं पहुंची हैं। सोलन से धर्मशाला बसयहां से तो आधी-पौनी सवारियां लेकर चली गई, लेकिन वापसी के लिए कांगड़ा में खड़ी है और सवारियों का इंतजार कर रही है। शिमला से चुवाड़ी गई बस भी यहां से गई और वापस कुछ सवारियां लेकर ऊना तक ही पहुंची। अब ऊना में सवारियों की राह तक रही है। शिमला से चुवाड़ी जारही दूसरी बस में भी चंडीगढ़ तक की ही सवारियां थी व वह भी चंडीगढ़ सेआगे नहीं जा सकी, इसे भी सवारियों का इंतजार है, सवारियां मिले तो आगेका सफर पूरा हो।
एचआरटीसी को उम्मीद है कि आने वाले सोमवार से इस स्थिति में कुछ सुधार होगाऔर बसों का खर्चा पूरा हो पाएगा। कोरोना कर्फ्यू, फाइव डे वीक और वीकेंड के कारण लोग बहुत कम संख्या में घरों से बाहर निकल रहे हैं। अब शायद सोमवार से लोग अपने जरूरी कार्यों के लिए घरों से बाहरनिकले और स्थिति में सुधार हो।
शनिवार को सोलन डिपो की 119 बसों में से केवल 12 बसें ही रूटों पर चलाई गई। अधिकतर बसों को सवारियों की कमी के कारण बंद रखना पड़ा है,जो बसें चल रही हैं उनमें भी बहुत कम सवारियां हैं। इससे एचआरटीसी को घाटा हो रहा है। कुछ बसें रूट पर तो चलाई गईलेकिन वापसी को सवारियां न मिल पाने के कारण यहां नहीं पहुंच पाईहै। उम्मीद है कि सोमवार से स्थिति में सुधार होगा और बसें चलाईजाएंगी।
-शुगम सिंह,
क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी, सोलन।














