DNN कंडाघाट (लवली)
दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल कंडाघाट द्वारा सोमवार को हिमाचल दिवस को लेकर स्कूली बच्चो के लिए ऑनलाइन विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया यह प्रतियोगिता दो वर्गों कनिष्ठ व वरिष्ठ में आयोजित की गई इन प्रतियोगिताओं में कनिष्ठ वर्ग एक से लेकर पाचवी कक्षा तक के बच्चों के लिए हिमाचली वेशभूषा, लोक नृत्य, भाषण प्रतियोगिता वही वरिष्ठ वर्ग के लिए चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया इसके रेम्प वाक प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।इन प्रतियोगिताओं के दौरान स्कूली बच्चो द्वारा सम्पूर्ण हिमाचल की संस्कृति को प्रस्तुत किया नन्हे बच्चो द्वारा पहाड़ी वेषभूषा पहन कर रेम्प वाक की गई इस मे पहले स्थान पर पहली कक्षा के धनंजय ठाकुर, दूसरे स्थान पर अद्वय नेगी ने प्राप्त किया।
वही लोक नृत्य में पहले स्थान पर अद्वय नेगी व आत्रेय दास ने प्राप्त किया वही दूसरे स्थान रिदम ने प्राप्त किया व पार्थ वैरागी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। वही मनोरंजन लोक नृत्य में अद्विक ने पहला स्थान प्राप्त किया। वही भाषण प्रतियोगिता में अनिरुद्ध बसंल ने पहला स्थान प्राप्त किया वही परिचयात्मक भाषण में दर्शील ने पहला स्थान प्राप्त किया। वही कविता गायन में युगान शर्मा पहले स्थान पर रहे।
मध्यम व वरिष्ठ वर्ग में चित्रकला प्रतियोगिता में प्रियांश ने पहला स्थान वही आरव वर्मा दूसरे व अवंतिका तीसरे स्थान पर रही। कोलाज मेकिंग प्रतियोगिता में अमानी शर्मा ने पहला स्थान प्राप्त किया।
वही इस दौरान स्कूल की प्रिंसिपल रीना पांटा ने ऑनलाइन बच्चो को हिमाचल दिवस के बारे में जानकारी दी गई उन्होंने बच्चो को बताया कि आजादी के बाद 15 अप्रैल, 1948 को 28 पहाड़ी रियासतों को मिलाकर नया प्रांत बनाया गया था। मगर साल 1971 में इसे ‘हिमाचल प्रदेश राज्य अधिनियम-1971’ के अन्तर्गत 25 जनवरी को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया और यह भारत का 18वां राज्य बना। प्राकृतिक सौंदर्य और लोगों की सादगी के अलावा कुछ ऐसी बातें भी हैं, जिनकी वजह से हिमाचल पूरे देश में सबसे आगे है। इनमें से बहुत सी बातें प्रदेश की अच्छी राजनीति की वजह से संभव हो पाई है और उसका श्रेय भी प्रदेश की जनता को जाता है।
















