मुख्यमंत्री ने चुनाव रोके हमने सर्वोच्च न्यायालय से लड़कर चुनाव के लिए किया विवश: जयराम ठाकुर

Baddi + Doon Politics

दून विधान सभा क्षेत्र के नवनिर्वाचित पंचायती राज प्रतिनिधियों के सम्मान समारोह में पहुंचे जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर साधा निशाना
कहा- चुनाव रोकने के लिए सरकार ने किए हरसंभव प्रयास, भाजपा ने सर्वोच्च न्यायालय तक लड़ी लोकतंत्र की लड़ाई
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सोलन: बीबीएन- दून विधानसभा क्षेत्र के पंचायती राज संस्थाओं के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के सम्मान में बद्दी में आयोजित समारोह में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव रोकने के लिए हरसंभव षड्यंत्र किए, लेकिन भाजपा ने जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक मजबूती से लड़ी और सरकार को चुनाव करवाने के लिए विवश होना पड़ा। उन्होंने कहा कि आज जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों का सम्मान लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है। उन्होंने सभी से अपने क्षेत्रों के विकास और जनता की सेवा को प्राथमिकता देते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आग्रह किया। सभी नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएँ देते हुए उन्होंने कहा कि आज जनता के आशीर्वाद से चुने गए इन प्रतिनिधियों का सम्मान लोकतंत्र की जीत, जनभावनाओं की विजय और मुख्यमंत्री के तानाशाही की हार का प्रतीक है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में आज मंत्रिमंडल नहीं, मित्र मंडल फैसले ले रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की इसी कार्यशैली का असर प्रदेश की व्यवस्था पर दिखाई दे रहा है और उद्योग नगरी बद्दी में अराजकता की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि बद्दी-दून जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, विकास और उद्योगों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए, लेकिन सरकार इन विषयों पर प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय अपने मित्रों को खुश करने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ‘हिमाचल ऑन सेल’ की मुहिम चल रही है और प्रदेश के हितों के साथ लगातार समझौते किए जा रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अब समय है कि भाजपा के सभी कार्यकर्ता और पंचायती राज संस्थाओं के नवनिर्वाचित प्रतिनिधि, सभी कार्यकर्ता, पदाधिकारी एकजुट होकर जनता के बीच जाएं और सुक्खू सरकार की नाकामियों को प्रदेशवासियों के सामने रखें। प्रदेश के हितों की रक्षा और जनविरोधी निर्णयों के खिलाफ भाजपा मजबूती से संघर्ष करेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि एकजुट होकर काम करें और आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश में भाजपा की ऐतिहासिक विजय के लिए पूरी ताकत के साथ कार्य करें।

नालागढ़

औद्योगिक क्षेत्र में अपनी जेब भरने के चक्कर में प्रदेश में रोजगार और निवेश की संभावनाएं खत्म कर रही सरकार : जयराम ठाकुर
प्लाटों के आवंटन में वसूली, टैक्स पर टैक्स, “खास अधिकारियों” की तैनाती से हो रहा उद्योगों का व्यवस्था पतन, प्रदूषण से लोग त्रस्त, सरकार वसूली में मस्त

सोलन/बद्दी: नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान सम्मेलन में शामिल होने बद्दी पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने नालागढ़ में पत्रकारों से बातचीत की। पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार औद्योगिक क्षेत्र में वसूली का बड़ा नेटवर्क चलवा रही है। अपनी और अपने चहेतों की जेब भरने के लिए सरकार प्रदेश में उद्योगों की वजह से होने वाले लाभों से प्रदेश को वंचित कर रही है। सरकार की इस अराजकता की वजह से उद्योग पलायन कर रहे हैं, जिससे प्रदेश को होने वाले आर्थिक लाभ और उत्पन्न होने वाली रोजगार की संभावनाएं समाप्त हो रही हैं। अपनी जेबें भरने के लिए सत्ता संरक्षित जो अराजकता औद्योगिक क्षेत्र में फैली है, उसका खामियाजा प्रदेश को भुगतना पड़ेगा।

जयराम ठाकुर ने कहा कि एक तरफ सरकार द्वारा संरक्षित लोगों द्वारा उद्योगों से वसूली का नेक्सस चलवाया जा रहा है, दूसरी तरफ सरकार टैक्स पर टैक्स लगाकर उद्योगों का मनोबल भी तोड़ रही है। व्यवस्था परिवर्तन का नारा देकर विजनलेस होकर मित्र हित में काम किया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्र में प्लाटों के आवंटन के नाम पर करोड़ों की वसूली की जा रही है और सरकार द्वारा कुछ खास अधिकारियों को तैनाती देकर इंडस्ट्रीज का अलग तरीके से दोहन किया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण चरम पर है, लोगों का जीना मुश्किल हुआ है। रोज लोग धरने पर हैं, प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार अपने ही कामों में मस्त है। हालात यह हैं कि प्रदेश में एशिया की सबसे बड़ी फार्मा इंडस्ट्री अब यहां से छोड़कर जाने को विवश है। मुख्यमंत्री को झूठ बोलकर अपना समय काटने के बजाय प्रदेशवासियों के हितों पर ध्यान देना चाहिए। उन्हें समझना चाहिए कि उद्योगों के पलायन से प्रदेश में निवेश का माहौल प्रभावित होगा और राज्य को मिलने वाला राजस्व भी कम होगा। उद्योगों के बाहर जाने से रोजगार के अवसर घटेंगे और इसका सीधा असर प्रदेश की आर्थिकी तथा युवाओं के भविष्य पर पड़ेगा।

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