पर्यटन सीजन में शिमला की ट्रैफिक व्यवस्था संभालने को पुलिस के विशेष इंतजाम, 210 जवान और 50 स्वयंसेवक तैनात
– , शहर को पांच सेक्टरों में बांटकर की जा रही निगरानी
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शिमला। पर्यटन सीजन के दौरान पर्यटकों की बढ़ती संख्या और वाहनों के भारी दबाव को देखते हुए शिमला पुलिस ने यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए व्यापक और प्रभावी प्रबंध किए हैं। पुलिस के अनुसार मई 2026 के दौरान शिमला के प्रमुख प्रवेश मार्गों शोगी, बिलासपुर तथा किन्नौर की ओर से करीब 8.5 लाख वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई, जबकि जून माह में अब तक लगभग 3.8 लाख वाहन विभिन्न प्रवेश बिंदुओं से शहर में प्रवेश कर चुके हैं।
वाहनों की इस बढ़ती संख्या को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए शिमला पुलिस ने ट्रैफिक ड्यूटी पर अतिरिक्त पुलिस बल और होमगार्ड कर्मियों की तैनाती की है। वर्ष 2025 में जहां 127 पुलिस एवं होमगार्ड कर्मी यातायात प्रबंधन में लगे थे, वहीं इस वर्ष यह संख्या बढ़ाकर 210 कर दी गई है। इसके अलावा समर फेस्टिवल के दौरान तैनात तीन रिजर्व यूनिट्स, जिनमें करीब 70 पुलिस कर्मी शामिल हैं, को पर्यटन सीजन के दौरान भी शिमला में ही बनाए रखा गया है।
पुलिस ने यातायात प्रबंधन में सिविल वालंटियर्स और छात्र स्वयंसेवकों को भी जोड़ा है। वर्तमान में करीब 50 स्वयंसेवक विभिन्न स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस की सहायता कर रहे हैं। वहीं, त्वरित कार्रवाई के लिए 32 ट्रैफिक बाइक राइडर्स को विभिन्न सेक्टरों में तैनात किया गया है, जो किसी भी यातायात संबंधी स्थिति पर तुरंत प्रतिक्रिया देकर यातायात को सामान्य बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन के लिए विभिन्न क्षेत्रों में इंटरसेप्टर वाहनों की भी तैनाती की गई है। इसके साथ ही पूरे शिमला शहर को पांच सेक्टरों में विभाजित किया गया है और प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी एक राजपत्रित अधिकारी को सौंपी गई है, जो अपने-अपने क्षेत्र में यातायात की निगरानी और संचालन सुनिश्चित कर रहे हैं।
शहर के प्रमुख पार्किंग स्थलों पर विशेष पुलिस बल तैनात किया गया है, जिससे वाहनों का प्रवेश और निकास सुचारु रूप से हो सके तथा पार्किंग क्षेत्रों के आसपास जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। इसके अतिरिक्त शिमला पुलिस पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को वैकल्पिक मार्गों के उपयोग के लिए भी प्रेरित कर रही है। कुफरी, नारकंडा, ठियोग और किन्नौर की ओर जाने वाले यात्रियों को शोगी-मेहली बाईपास मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। इस मार्ग के प्रयोग से शहर के भीतर यातायात का दबाव कम हो रहा है और यात्रियों के समय की भी बचत हो रही है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 800 वाहनों को इस मार्ग की ओर डायवर्ट किया जा रहा है।
शिमला पुलिस द्वारा यातायात संबंधी जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके तहत जाखू मंदिर जाने के सर्वोत्तम मार्ग तथा शोगी-मेहली बाईफरकेशन के उपयोग से संबंधित शैक्षिक वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा किए जा रहे हैं, जिन्हें लोगों द्वारा काफी सराहा जा रहा है।
सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ट्रैवलर, अर्बेनिया तथा अन्य सार्वजनिक परिवहन वाहनों को कार्ट रोड पर संचालित होने की अनुमति भी दी गई है, ताकि निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो और शहर में यातायात दबाव घटाया जा सके।
शिमला पुलिस का कहना है कि इन सभी प्रयासों के कारण शहर में यातायात का प्रवाह सामान्य और सुचारु बना हुआ है। हालांकि कभी-कभी वाहनों के खराब होने के कारण यातायात प्रभावित होता है, लेकिन ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए विभिन्न सेक्टरों में तीन क्रेन तैनात की गई हैं, जो तुरंत मौके पर पहुंचकर यातायात को सामान्य करने का कार्य करती हैं।














