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सेब में लगने वाले अल्टरनेरिया एवं मार्सोनिना लीफ ब्लॉच रोगों के प्रभावी प्रबंधन को लेकर किसानों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आज आठ वैज्ञानिक टीमों ने शिमला, कुल्लू, किन्नौर, चंबा एवं मंडी ज़िलों के प्रमुख सेब उत्पादक क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान की शुरुआत की। इन टीमों में डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के वैज्ञानिकों के साथ-साथ विश्वविद्यालय के मशोबरा, बजौरा एवं शार्बो (किन्नौर) के क्षेत्रीय उद्यान अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्रों तथा शिमला, सोलन, चंबा एवं किन्नौर के कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक शामिल हैं। बागवानी विभाग के अधिकारी भी इन गतिविधियों में सहयोग कर रहे हैं।
यह जागरूकता अभियान 10 से 19 फ़रवरी तक उन सेब उत्पादक क्षेत्रों में चलाया जा रहा है, जिन्हें इन पर्ण रोगों के प्रति अधिक संवेदनशील पाया गया है। अभियान के दौरान टीमें मैदानी भ्रमण, किसानों से संवाद तथा स्थल पर प्रदर्शन के माध्यम से बागवानों को रोगों के प्रारंभिक लक्षणों की पहचान एवं वैज्ञानिक रूप से अनुशंसित प्रबंधन उपायों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। इस पहल का उद्देश्य रासायनिक दवाओं के अंधाधुंध एवं अप्रभावी उपयोग पर रोक लगाना तथा बागानों में रोग चक्र को तोड़ना है। इस अभियान का लक्ष्य रोग पहचान, रोकथाम उपायों एवं समेकित प्रबंधन रणनीतियों के प्रति किसानों की समझ को सुदृढ़ करना है, जिससे सेब का टिकाऊ उत्पादन सुनिश्चित हो सके और प्रदेश भर के बागवानों की आजीविका में सुधार हो।
शिमला ज़िले में मंगलवार को चार टीमें सक्रिय रहीं। एक टीम ने बागी, रतनारी एवं कलबोग क्षेत्रों का दौरा किया तथा 11 फ़रवरी को चैथला एवं धारोंक क्षेत्रों को कवर करेगी। दूसरी टीम ने शीलघाट एवं नकरारी क्षेत्रों का भ्रमण किया और यह टीम 11 फ़रवरी को टिक्कर एवं करचारी क्षेत्रों में जाएगी। तीसरी टीम ने चियोग एवं तियाली क्षेत्रों का दौरा किया और 11 फ़रवरी को संधू एवं शिलारू क्षेत्रों को कवर करेगी। चौथी टीम ने कांद्रू एवं भराणा क्षेत्रों का दौरा किया, जबकि 11 फ़रवरी को थानेधार एवं खनेटी क्षेत्रों में गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। किन्नौर ज़िले में मंगलवार को निचार एवं सुंगरा क्षेत्रों को कवर किया गया, जबकि 11 फ़रवरी को बारी एवं पोंडा क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। चंबा ज़िले में आज भरमौर क्षेत्र को कवर किया गया, जबकि होली क्षेत्र में बुधवार को जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। कुल्लू ज़िले में टीम ने गड़सा घाटी को कवर किया, जबकि मणिकर्ण घाटी में 11–12 फ़रवरी को कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंडी ज़िले में टीमों ने संगलवाड़ा एवं धीम कटारू क्षेत्रों को कवर किया, जबकि जंजैहली एवं तुंगधार क्षेत्रों का भ्रमण 11 फ़रवरी को किया जाएगा।















