Dnewsnetwork
साेलन भाजपा के शहरी मंडल अध्यक्ष एवं पार्षद शैलेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि सोलन नगर निगम की आम सभा लगभग छह महीने बाद आयोजित की जा रही है, जबकि नगर निगम अधिनियम के अनुसार आम सभा का आयोजन हर महीने अनिवार्य है। यह अपने आप में नगर निगम की कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।
नगर निगम में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का पहला टेंडर दिनांक 11 अगस्त 2021 को प्रकाशित किया गया था, जिसमें टेंडर की अवधि मात्र छह महीने निर्धारित की गई थी। इसके बावजूद अत्यधिक महंगे दरों पर टेंडर अवार्ड किया गया। लिगेसी वेस्ट के लिए 870 रुपए प्रति टन और फ्रेश वेस्ट के लिए 1962 रुपए प्रति टन की दरें तय की गईं, जो उस समय भी नगर निगम में सवालों के घेरे में थीं। शैलेंद्र गुप्ता ने कहा कि उस समय नगर निगम को यह बताया गया था कि ठेकेदार दो वर्षों के भीतर सारा लिगेसी वेस्ट उठाकर समाप्त कर देगा, इसी आधार पर इतनी ऊँची दरों को सही ठहराया गया। लेकिन आज लगभग पांच वर्ष पूरे होने को हैं, जबकि लिगेसी वेस्ट का आधा हिस्सा भी आज तक नहीं उठाया गया है।
सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि इस अवधि में ठेकेदार नगर निगम से लगभग 11 करोड़ रुपये प्राप्त कर चुका है, जबकि वास्तविक कार्य की लागत चार करोड़ रुपये से अधिक नहीं बनती। यह सीधा-सीधा नगर निगम के धन का दुरुपयोग प्रतीत होता है।
इस गंभीर अनियमितता को लेकर 26 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री कार्यालय को लिखित रूप से अवगत करवाया गया था। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा 7 अगस्त 2024 को जवाब देते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, लेकिन लगभग डेढ़ वर्ष बीत जाने के बावजूद आज तक कोई जांच या कार्रवाई नहीं हुई।
इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार द्वारा नगर निगम सोलन को प्राप्त टाइड ग्रांट के दुरुपयोग के आरोप भी अत्यंत गंभीर और चिंताजनक हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच अत्यावश्यक है।
गुप्ता ने कहा कि अब नगर निगम सोलन द्वारा आगामी आम सभा के एजेंडे में कूड़ा उठाने की दरें बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है, जो पूरी तरह निंदनीय है। यह वही नगर निगम है जिसमें कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने चुनाव के समय मुफ्त कूड़ा उठाने और मुफ्त पानी देने की घोषणा की थी, और आज उसी जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने की तैयारी कर रहा है।
आगामी आम सभा में भाजपा समर्थित पार्षद जनता के हितों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती और मुस्तैदी के साथ इन मुद्दों को उठाएंगे। भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और जनविरोधी निर्णयों के खिलाफ संघर्ष किया जाएगा और जनता को न्याय दिलाने के लिए हर संवैधानिक मंच पर आवाज बुलंद की जाएगी।















