मुख्यमंत्री द्वारा युवा पीढ़ी को संस्कृति करने पर बल
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने अध्यापकों तथा अभिभावकों का आह्वान किया कि वे युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, संस्कार तथा नैतिक मूल्यों से जोडऩे की दिशा में कार्य करें ताकि वे भविष्य के बेहतर नागरिक बन सकें। जय राम ठाकुर आज सोलन जिला के सुबाथू स्थित पाईनग्रोव स्कूल के 27वें वार्षिक समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। जय राम ठाकुर ने कहा कि भारत को विश्वभर में अपनी श्रेष्ठ संस्कृति तथा रीति-रिवाजों के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि संस्कृति का संवद्र्धन हम सबका नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में अध्यापकों तथा अभिभावकों को पूर्ण सहयोग देना होगा।
मुख्यमंत्री ने इससे पूर्व विद्यालय प्रांगण में संगम सेतु का शिलान्यास किया। इस पुल के निर्माण के लिए क्षेत्र की तीन ग्राम पंचायतों ने सहयोग दिया है। उन्होंने विद्यालय के छात्रों द्वारा लगाई गई कला प्रदर्शनी में भी गहरी रूचि दिखाई। विद्यालय के निदेशक कैप्टन ए.जे. सिंह ने मु यातिथि का स्वागत किया तथा विद्यालय की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। विद्यालय के छात्रों ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर स्कूल के छात्रों ने भव्य मार्च पास्ट प्रस्तुत किया। छात्रों द्वारा प्रस्तुत जिमनास्टिक तथा बैंड डिस्प्ले कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे। छात्रों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया।
बढ़ती नशाखोरी की लत को लेकर गहरी चिन्ता: सीएम
युवाओं में बढ़ती नशाखोरी की लत पर अपनी गहरी चिन्ता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना अत्यंत आवश्यक है। प्रदेश सरकार इस दिशा में योजनाबद्ध कार्य कर रही है। नशा मुक्त हिमाचल के लिए विभिन्न स्तरों पर अभियान कार्यान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देवभूमि को सही मायनों में नशा मुक्त बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों का सहयोग अपेक्षित है।
जय राम ठाकुर ने कहा कि जीवन के सबसे महत्वपूर्ण एवं सुखदाई क्षण छात्र जीवन में प्राप्त होते हैं। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपने इस समय का सदुपयोग करें और लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि देश एवं प्रदेश की प्रगति का सबसे महत्वपूर्ण कारक युवा हैं और युवाओं को अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहना होगा। उन्होंने कहा कि छात्रों को सदैव अपने अध्यापकों के योगदान को स्मरण रखना होगा और विद्यालय में सिखाई गई बातों को जीवन में उतारना होगा।
उन्होंने कहा कि वे एक अभिभावक के रूप में पहले भी इस विद्यालय में आते रहे हैं। उन्होंने छात्र हित में इस विद्यालय द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक छोटी शुरूआत से आरंभ कर इस विद्यालय ने हिमाचल सहित उत्तर भारत में विशेष पहचान बनाई है। उन्होंने विद्यालय के छात्रों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई दी तथा विद्यालय में बेहतर अधोसंरचना सुविधा के लिए विद्यालय प्रबंधन की भी सराहना की।















