सोलन में गरजे कांग्रेसी कहा कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक लड़ेगी लड़ाई 

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सोलन जिला कांग्रेस ( Solan Congress) कमेटी द्वारा शहर के चिल्ड्रन पार्क में केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलने को लेकर विरोध दर्ज किया गया और उपवास किया गया।कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुभाष वरमानी की अध्यक्षता में यह उपवास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस में कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव विदित चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहे। जिलाध्यक्ष सुभाष वरमानी ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलने के फैसले के विरोध में रविवार को कांग्रेस ने जिला मुख्यालय सोलन के ओल्ड डीसी ऑफिस के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्र सरकार के निर्णय को जनविरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने देश के लिए बलिदान दिया है भाजपा उनके पास मिटाना चाहती है और ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए मनरेगा स्कीम को बदला गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक यह लड़ाई लड़ेगी। आज से पहला प्रदर्शन जारी है जो की 2 महीने तक चलेगा और इसमें पंचायत को भी जोड़ा जाएगा।

वहीं धरना उपस्थित कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव विदित चौधरी ने कहा कि भाजपा की कथनी और करणी में फर्क होता है। भाजपा नेताओं ने 15 लाख हर खाते में आने की बात कही थी लेकिन आज तक आए नहीं, किसानों की आय दोगुनी करनी की बात की थी लेकिन आजतक वो हुई नहीं, इसी तरह हर साल 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था लेकिन आज तक यह सभी वादे पूरे नही हुए हैं। अब यही काम मनरेगा को लेकर भाजपा ने किया है।

विदित चौधरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब और जरूरतमंद लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने नरेगा योजना की शुरुआत की थी, जिसे बाद में मनरेगा नाम दिया गया। इस योजना के तहत मजदूरों को उनके घर के पास या अपने गांव में ही 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाता है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली। उन्होंने कहा कि केंद्र की वर्तमान सरकार ने न केवल इस योजना की मूल भावना के साथ छेड़छाड़ की है, बल्कि राज्यों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ाया है। पहले इस योजना में केंद्र सरकार का योगदान 90 प्रतिशत और राज्य सरकारों का 10 प्रतिशत होता था, लेकिन अब केंद्र ने यह हिस्सा घटाकर राज्यों का योगदान 40 प्रतिशत कर दिया है। इससे राज्यों की वित्तीय स्थिति पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है और गरीब मजदूरों को मिलने वाले लाभ पर असर पड़ रहा है। विदित चौधरी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा के नाम बदलने और राज्यों पर बढ़ाए गए बोझ का जोरदार विरोध करती रहेगी। उन्होंने कहा कि अब भारतीय जनता पार्टी यह डिसाइड करेगी कि किस राज्य में मनरेगा का काम होना चाहिए और किस राज्य में मनरेगा का काम नहीं होना चाहिए।

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