DNN शिमला
भगवान वाल्मिकी के प्रक्टोकत्सव के अवसर पर आज वाल्मिकी सभा कृष्णानगर शिमला ने क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता विक्की बाक्सर की अगुवाई में कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें शिमला शहर की जनता तथा वाल्मिकी समुदाय के लोगों ने बढ़ चढ़ कर हिस लिया। इस पावन अवसर पर उपस्थित लोगों ने भगवान वाल्मिकी की शिक्षाओं का अनुसरण करते हुये उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया और विश्व कल्याण के लिए उनके योगदान को स्मरण किया।
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस पावन अवसर पर केक काट कर उपस्थित जनसमूह के साथ हर्षोलास के साथ भगवान वाल्मिकी का प्रकटोत्सव मनाया। वाल्मिकी सभा की ओर से पूर्व मुख्यमन्त्री को विक्की बाक्सर र्ने गदा भेंट का समनित किया गया। अपने सम्बोधन में वीरभद्र सिंह ने कहा कि भगवान वाल्मिकी की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं और हम सब को उनकी शिक्षाओं का अपने जीवन में अनुसरण करना चाहिये। उन्होने समुदाय के लोगों से समाज की तरक्की तथा कल्याण के लिए कार्य करने का आहवान किया। वाल्मिकी रामायण महाकाव्य की रचना करने के पश्चात आदिकवि कहलाए। वे स्वयं ब्राह्मण ही थे। वाल्मीकि जयंती हिन्दू पंचांग अनुसार आश्विनी माह की पुर्णिमा के दिन बड़े धूम धाम से मनाई जाती है।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू ने वाल्मिकी जयन्ती पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुये कहा कि भगवान वाल्मिकी एक महान रचनाकार थे। कृष्णानगर में वाल्मिकी सभा की ओर से आयोजित किये गये कार्यक्रम में बोलते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस पवन दिवस को महर्षि वाल्मीकि की याद में मनाया जाता है। प्रति वर्ष वाल्मीकि जयंती के दिन कई जगह शोभायात्रा निकाली जाती है। वाल्मीकि ऋषि की स्थापित प्रतिमा स्थल पर मिष्टान, भोजन, फल वितरण एवं भंडारे का विशेष आयोजन किया जाता है। महर्षि वाल्मीकि का जीवन बुरे कर्म त्याग कर सत्कर्म और भक्तिभाव की राह पर चलने की प्रेरणा प्रदान करता है। इसी महान संदेश को वाल्मीकि जयंती पर लोगों तक प्रसारित किया जाता है।














