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कृषि हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी का मुख्य आधार है। प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से यह सुनिश्चित बना रही है कि प्रदेश के किसान न केवल उन्नत प्रौद्योगिकी एवं बेहतर बीज प्राप्त कर सकें अपितु अपनी फसल की सुरक्षा सुनिश्चित बनाते हुए बाजार में अच्छा मूल्य पा कर अपनी एवं प्रदेश की आर्थिकी में समुचित योगदान दे सकें।
प्रदेश सरकार की ऐसी ही एक महत्वाकांक्षी योजना है मुख्यमंत्री कृषि उत्पादन संरक्षण योजना। इस योजना के एक घटक के रूप में प्रदेश की वर्तमान सरकार ने सौर बाड़बंदी योजना आरम्भ कर किसानों की फसल को बंदरों और जंगली जानवरों से बचाने की दिशा में सफल प्रयास आरम्भ किया है।
सोलन ज़िला के नालागढ़ उपमण्डल के तिरला महुआ गांव के किसान जगदीश चंद सौर बांड़बंदी योजना के लाभ प्राप्त कर न केवल अपनी फसल को सुरक्षित रख पा रहे हैं अपितु आस-पास के अन्य किसानों को भी योजना से अवगत करवा रहे हैं।
किसान जगदीश चंद के अनुसार उन्होंने इस योजना की जानकारी प्राप्त कर कृषि विभाग नालागढ़ के माध्यम से योजना के लिए आवेदन किया। आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने के उपरांत प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें कुल लागत का 70 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया गया। उन्हें प्रदेश सरकार की ओर से आर्थिक अनुदान के रूप में 03 लाख रुपए प्राप्त हुए। उन्होंने इस राशि से अपनी कृषि योग्य भूमि की सौर ऊर्जा चलित बाड़बंदी (सोलर फेंसिंग) की। अब उनके खेत सुरक्षित हैं और वर्तमान में उन्होंने अपने खेत में दलहन फसल की खेती की है।
जगदीश चंद ने अवगत करवाया कि अब वह पूर्ण रूप से आश्वस्त हैं कि उनकी फसल जंगली जानवरों से सुरक्षित है और इस सुरक्षा के साथ उत्पादन में वृद्धि होगी जो उन्हें बेहतर दाम सुनिश्चित बनाएगी।
जगदीश चंद ने किसानों की फसल की सुरक्षा सुनिश्चित बनाने वाली इस योजना के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया है। उनके अनुसार हिमाचल प्रदेश सरकार ने गरीब और मध्यमवर्गीय किसानों की वास्तविक ज़रूरतों को समझते हुए यह लाभकारी योजना आरंभ की है और यह योजना किसानों की फसल की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध हो रही है।
इस महत्वपूर्ण योजना के अंतर्गत किसानों को कम लागत में दीर्घ अवधि की सुरक्षा प्राप्त हो रही है। कांटेदार तार व जाली से बाड़बंदी के लिए प्रदेश सरकार किसानों को 70 प्रतिशत अनुदान प्रदान कर रही है। इससे फसल की सुरक्षा के लिए समय और खर्च में आशातीत कमी आई है।
वर्ष 2024-25 में नालागढ़ उपमंडल की विभिन्न ग्राम पंचायतों के 13 किसानों ने इस योजना के अंतर्गत अपने खेतों में सौर बाड़बंदी करवाई है। इसके लिए इन किसानों को 83.50 लाख रुपए का अनुदान प्रदान किया गया है।
यह योजना प्रदेश सरकार की किसान हितैषी सोच और समावेशी विकास नीति का प्रत्यक्ष प्रमाण है। जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान से राहत दिलाने के उद्देश्य से बनाई गई यह योजना न केवल उत्पादन बढ़ाने में सहायक है, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त भी बना रही है।
प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि हिमाचल का प्रत्येक किसान नई तकनीक और नवाचार से जुड़कर सुरक्षित खेती अपनाए और समृद्धि तथा सशक्त आर्थिक वातावरण का भागीदार बने।
