DNN सोलन
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सोलन विवेक चंदेल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को पूर्ण रूप से क्षय रोग मुक्त बनाने के लिए चिकित्सकों को इस रोग के समूल नाश के लिए प्रयोग में लाई जा रही दवाओं तथा विभिन्न परीक्षणों की समुचित जानकारी होनी चाहिए। विवेक चंदेल आज यहां सोलन के लिए क्षय रोग मुक्त हिमाचल कार्यशाला के शुभारंभ के अवसर पर उपस्थित चिकित्सकों एवं अन्य को संबोधित कर रहे थे कार्यशाला का आयोजन कंटिन्यूड मेडिकल एजूकेशन(सीएमई) कार्यक्रम के तहत किया गया। कार्यशाला राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तथा हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सौजन्य से आयोजित की गई।
विवेक चंदेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2025 तक देश को क्षय रोग मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार इस दिशा में योजनाबद्ध कार्य कर रही है। मु यमंत्री जयराम ठाकुर ने 24 मार्च 2018 को ऊना जिला से क्षय रोग मुक्त हिमाचल अभियान का शुभारंभ किया था। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हिमाचल को वर्ष 2021 को पूर्ण रूप से क्षय रोग मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए सभी जिलों में क्षयरोग जागरूकता व प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं।
कार्यशाला में जानकारी दी गई कि सरकार द्वारा पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत क्षय रोगियों को उपचार के दौरान पोषण सहायता प्रदान करने के लिए निक्षय पोषण योजना आरंभ की गई है। इसके तहत क्षय रोगियों को पोषण सहायता के लिए प्रतिमाह 500 रुपये देने का प्रावधान है। कार्यशाला में अवगत करवाया गया कि हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2016 के आंकड़ों के अनुसार 14070 क्षय रोगी पंजीकृत हैं। कार्यशाला में राज्य क्षय रोग अधिकारी डॉ. आरके बारिया ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से क्षय रोग, परीक्षण, निदान एवं जागरूकता इत्यादि के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यशाला में विश्व स्वास्थ्य संगठन के परामर्शदाता डॉ. रविन्द्र कुमार ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से क्षय रोग उपचार में प्रयुक्त होने वाली आधुनिक तकनीक की जानकारी दी।















