विश्व वेटलैंड दिवस मनाया

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DNN सोलन

02 फरवरी भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण (बीएसआई), सोलन के हाई एल्टीट्यूड वेस्टर्न हिमालयन रीजनल सेंटर ने डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग के सहयोग से आज विवि में विश्व वेटलैंड दिवस का आयोजन किया। इस साल के आयोजन का विषय ‘इट्स टाइम फॉर वेटलैंड रिस्टोरेशन’ रहा। इस कार्यक्रम में बीएसआई के कर्मचारियों, संकाय, पर्यावरण विज्ञान विभाग के छात्रों और स्पेस क्लब के सदस्यों सहित लगभग 30 प्रतिभागियों ने भाग लिया।बीएसआई सोलन के प्रभारी डॉ. कुमार अंबरीश ने बताया कि वेटलैंड पारिस्थितिकी तंत्र उच्च गति से बिगड़ रहा है और पिछले पचास वर्षों में लगभग 35% प्राकृतिक वेटलैंड खत्म हो गए हैं। इसलिए युवाओं को इन मूल्यवान पारिस्थितिक तंत्रों के संरक्षण के लिए वेटलैंड के महत्व और बड़े पैमाने पर उनकी बहाली के बारे में प्रचार करना चाहिए।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यावरण विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार भारद्वाज ने इस महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण और स्थानीय स्तर पर कार्रवाई करने के लिए पर्यावरण-साक्षरता बनाने की आवश्यकता की वकालत की। उन्होंने बताया कि वेटलैंड ग्रह के हर कोने में मौजूद हैं और महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता का समर्थन करते हैं। दुनिया के लगभग 90% वेटलैंड का क्षरण हुआ है या समाप्त हो गया है। हम जंगल की तुलना में तीन गुना तेजी से वेटलैंड खो रहे हैं। इसलिए वेटलैंड नुकसान को रोकने और उलटने के लिए वैश्विक जागरूकता बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य में वेटलैंड का संरक्षण ईकोटूरिज्म को बढ़ावा देकर आजीविका का एक उत्कृष्ट स्रोत हो सकता है और सरकार ने इस दिशा में एक अच्छी पहल कर रही है।वेटलैंड संरक्षण के लिए छात्रों को जागरूक करने के लिए निबंध लेखन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। पीएचडी द्वितीय वर्ष के छात्र भव्य थापा ने निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया, जबकि मुस्कान नेगी, प्रियंका बालन, और जलज पंडित, को क्रमशः द्वितीय, तृतीय और सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रतिभागियों ने वेटलैंड के बारे में जागरूकता फैलाने और वेटलैंड के संरक्षण और बहाली की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने का भी संकल्प लिया।

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