DNN सोलन
25 नवम्बर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव रोहित शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव में लगभग एक लाख तीस हजार कर्मचारियों ने वोट करना है, परन्तु
जिन सरकारी कर्मचारियों की मतदान करवाने के लिए ड्यूटी लगी थी। उनमें बहुत से कर्मचारियों को आवेदन करने के बावजूद बैलट पेपर प्रप्त नही हुए हैं। ऐसी सूचनाएं लगातार प्राप्त हो रही है। ये चिंता का विषय है क्यूंकि पिछले विधानसभा चुनाव में लगभग 18 ऐसी विधानसभा थी जिन में जीत हार का अंतर 2000 से कम मतों में हुआ था । जिन कर्मचारियों की चुनाव करवाने की ड्यूटी लगी थी उनको वोट डालने के लिये EDC यानी इलेक्शन डयूटी सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। जिसका फॉर्म नो 12 भरकर आवेदन करना था जिसकी अंतिम तिथि 7 नवम्बर तय की गई थी परन्तु हैरानी की बात ये है जिन्होंने आवेदन किया उनमें से भी कई कर्मचारियों को आजतक बेलट पेपर नही मिल पाए हैं।
सोलन में जारी एक प्रेस बयान में उन्होंने कहा कि चुनाव रिहर्सल में कर्मचारियों को गाइड करने की कोई सुविधा उपलब्ध नही करवाई गई थी क्योंकि हर चुनाव में इलेक्ट्रोल बुक बदलती है।
फॉर्म 12 में कर्मचारियों के फोन नम्बर भी दर्ज किए गए थे। फिर भी ऐसा होना सन्देहास्पद है। पोस्ट ऑफिस में बैलट जमा करवाने पर रीसिवइंग नही दी जा रही। बहुत सारे कर्मचारियों जो कि मुख्यता पुलिस एवं शिक्षा विभाग से है उनकी डयूटी चुनाव से पहले अंतिम समय पर पोलिंग बूथ पर लगाई गई। जिससे वे फॉर्म 12 प्राप्त नही कर पाए और और वे वोट देने से वंचित रह गए । रोहित नहीं इन सब बातों को लेकर सवाल किया कि कहीं इसके पीछे कोई साज़िश तो नही जिससे सरकारी कर्मचारि वोट न दे सके।
उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि आयोग को तुरंत इस पर संज्ञान लेना चाहिए एवं इसपर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। जिससे चुनाव आयोग की स्वायत्तता एवं जनता के बीच विश्वास बना रहे।















