DNN कुल्लू
16 नवम्बर।राष्ट्रीय प्रेस दिवस के उपलक्ष्य में आज एक जिलास्तरीय कार्यक्रम का आयोजन परिधि गृह कुल्लू के प्रांगण में किया गया जिसमें उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।राष्ट्रीय प्रेस दिवस की सभी को बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
भारतीय प्रेस परिषद द्वारा इस वर्ष चर्चा के लिए दिए गए विषय ‘राष्ट्र निर्माण में मीडिया की भूमिका’ पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि आज समाज में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है जहां पारंपरिक मीडिया का अपना महत्व है वहीं पर ऑनलाइन मीडिया भी लोगों में गहरी पैठ बना चुका है अतः मीडिया कर्मियों को इस बात पर मंथन करना चाहिए की समाज में राष्ट्र निर्माण के कार्य में किस तरह से अपने योगदान को बेहतर तरीके से सुनिश्चित करें तथा मीडिया के लिए बने हुए कोड ऑफ एथिक्स को स्वयं अपनाकर मीडियाकर्म की शुचिता को सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि आज टीवी, रेडियो, समाचार पत्र, सोशल मीडिया आदि आम लोगों के विचार एवं निर्णय क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं। मीडिया की यह भूमिका यदि सकारात्मक हो तो वह राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। ई- मीडिया खासकर व्हाट्सऐप, ट्यूटर एवं फेसबुक के बढ़ते प्रभाव के चलते इनका समाज के लिए बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकता है परन्तु ख्याल रखा जाना चाहिए कि इसका उपयोग व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के अहित में न हो।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता से पूर्व पत्रकारिता का कार्य देश को आजादी दिलाने के लिए एक मिशन के रूप में था था। आजादी के बाद अब पत्रकारिता प्रोफेशन में तब्दील हो गया है। ये कोई बुरी बात नहीं है। लेकिन इसमें भी ईमानदारी होनी चाहिए।
पत्रकारिता का काम महज सूचना देना नहीं बल्कि जनचेतना लाना है। यह जिम्मेदारी मीडिया को समझनी होगी। मीडिया किसी भी राष्ट्र का आंख, कान व मुंह है। इसके माध्यम से देश देखता, सुनता व समझता है तथा समाज के कई मुद्दों के बारे में प्रशासन को भी सुचित करता रहता है।
मीडिया ग्रुप बड़ा-छोटा हो सकता है, लेकिन पत्रकारिता छोटी नहीं होती। नई -मीडिया को विवेकपूर्ण बनाने की व विवेकपूर्वक इस्तेमाल करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि मीडिया सामाजिक व आर्थिक विकास की एक महत्वपूर्ण कड़ी है. समाज व राष्ट्र के निर्माण में आज इसकी केंद्रीय भूमिका हो चुकी है।
समाज को सुधारने में मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। क्योंकि कलम की ताकत के आधार पर ही जनतंत्र मजबूत होता है। मीडिया को सच्ची व सकारात्मक खबरे ही लिखनी चाहिए। जिससे समाज एवं देश का विकास हो। लेखनी में विचार का मिश्रण नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इतनी शक्ति और स्वतंत्र होने की वजह से मीडिया की देश और समाज के प्रति महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है, इसीलिए लोकतंत्र में व्यवस्थापिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बाद मीडिया को चैथा स्तम्भ माना जाता है।
ज़िला लोक सम्पर्क अधिकारी नरेंदर शर्मा ने मुख्यातिथि सहित समस्त मीडियाकर्मियों का स्वागत किया।
आज का दिन हम सभी मीडिया कर्मियों के लिए महत्वपूर्ण है। आज का दिन हम सभी को आत्ममंथन करने का अवसर भी प्रदान करता है लोकतंत्र में प्रेस को चौथा स्तंभ कहा गया है जिसकी लोकतांत्रिक मूल्यों बनाए रखें में अहम भूमिका है इसी उद्देश्य के लिए वर्ष 1956 में प्रथम प्रेस आयोग का गठन किया गया जिसका मुख्य उद्देश्य प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा हुआ पत्रकारिता के उच्च आदर्श बनाएं रखने के लिए यदि सुझाव देना था उसी आयोग की सूची पर 4 जुलाई 1966 को प्रेस परिषद का का गठन किया गया जिसने 16 नवंबर 1966 को विधिवत रूप से अपना कार्य आरंभ किया उसी दिन से हर वर्ष 16 नवंबर को देशभर में प्रेस राष्ट्रीय प्रेस दिवस मनाया जाता है भारत में प्रेस को वाचडॉग की संज्ञा दी गई है जो समाज में घटने वाली हर गतिविधियों पर नजर रखता है तथा उसे आम लोगों के सामने लाने में भूमिका निभाता है इसी प्रकार प्रेस परिषद को मोर मार वॉच डॉग भी कहा जाता है जो प्रेस की स्वतंत्रता तथा मीडिया के उच्च आदर्शों की स्थापना में भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा कि मीडिया अथवा जनसंचार माध्यम किसी भी समाज या देश की वास्तविक स्थिति के प्रतिबिंब होते हैं। देश के सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक फलक पर क्या कुछ घटित हो रहा है, इससे आम जन-मीडिया के द्वारा ही परिचित होते हैं। जनसंचार माध्यमों के विभिन्न रूपों ने आज दुनिया के लगभग हर कोने तक अपनी पहुँच बना रखी है।
अतः आज के दिन हमें आत्ममंथन करने की भी ज़रूरत है कि क्या हम राष्ट्र निर्माण के उस कर्तव्य बोध को समझ रहे हैं या नहीं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में मीडिया की सकारात्मक भूमिका को सुनिश्चित करने के प्रयास हम जारी रखें ऐसा हम आज के दिन प्रण लें।
इस अवसर पर प्रेस क्लब कुल्लू के अध्यक्ष धनेश गौतम ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि आज मीडिया के क्षेत्र में भी बहुत परिवर्तन आ गए हैं, जहां नई तकनीक से काम आसान हुआ है वहीं नई चुनौतियों ने भी मीडिया कर्म को प्रभावित किया है।
वरिष्ठ पत्रकार धर्मचंद यादव ने बाज़ारबाद के प्रभाव में पत्रकारिता के में हो रहे अवमूल्यन पर चिन्ता प्रकट करते हुए इस पेशे की स्वतंत्रता पर बल दिया।
वरिष्ठ पत्रकार अनिल कांत ने मीडिया की सकारात्मक भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि हालांकि आर्थिक अभाव में भी एक पत्रकार समाज में अपनी सार्थक भूमिका का निर्वहन कर रहा है।
सृष्टि ने एथिक्स के साथ पत्रकारिता करने पर बल दिया। श्याम कुल्लवी सहित कई अन्य मीडियाकर्मियों ने भी चर्चा में अपने विचार रखे।
मंडी में मनाया गया राष्ट्रीय प्रेस दिवस
लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रेस की भूमिका अहमः डीसी
मंडी, 16 नवम्बर। राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर डीसी अरिंदम चौधरी ने सभी मीडिया कर्मियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रेस की भूमिका अहम है। वे राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा डीआरडीए हॉल में आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्यअतिथि संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में जिला स्तर के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया से जुडे़ पत्रकार उपस्थित रहे।
उपायुक्त ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है। राष्ट्रीय प्रेस दिवस हर साल 16 नवंबर को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य प्रेस की आजादी के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना है। साथ ही ये दिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बनाए रखने और उसका सम्मान करने की प्रतिबद्धता की बात करता है।
जिला लोक सम्पर्क अधिकारी विनय शर्मा ने बताया कि 4 जुलाई, 1966 को प्रेस परिषद की स्थापना हुई, जिसने 16 नवंबर, 1966 से अपना औपचारिक कामकाज शुरू किया। तब से हर साल 16 नवंबर को राष्ट्रीय प्रेस दिवस के रूप में मनाया जाता है।
लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रेस की भूमिका अहमः डीसी
मंडी, 16 नवम्बर। राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर डीसी अरिंदम चौधरी ने सभी मीडिया कर्मियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रेस की भूमिका अहम है। वे राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा डीआरडीए हॉल में आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्यअतिथि संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में जिला स्तर के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया से जुडे़ पत्रकार उपस्थित रहे।
उपायुक्त ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है। राष्ट्रीय प्रेस दिवस हर साल 16 नवंबर को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य प्रेस की आजादी के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना है। साथ ही ये दिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बनाए रखने और उसका सम्मान करने की प्रतिबद्धता की बात करता है।
जिला लोक सम्पर्क अधिकारी विनय शर्मा ने बताया कि 4 जुलाई, 1966 को प्रेस परिषद की स्थापना हुई, जिसने 16 नवंबर, 1966 से अपना औपचारिक कामकाज शुरू किया। तब से हर साल 16 नवंबर को राष्ट्रीय प्रेस दिवस के रूप में मनाया जाता है।















