नौरंगाबाद स्कूल ने हासिल की बड़ी कामयाबी, विश्व के सबसे बड़ा इंक पेन हुआ बच्चों को समर्पित

Himachal News Others Sirmaur

DNN नाहन

03 सितम्बर । नाहन विधानसभा क्षेत्र के तहत धौलाकुआं के राजकीय उच्च विद्यालय नौरंगाबाद के मुख्याध्यापक संजीव अत्री ने एक अनोखा इंक पेन तैयार किया है, जिसका शुभारंभ आज स्कूल परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में नाहन के विधायक डा. राजीव बिंदल ने किया। स्कूल प्रबंधन की तरफ से दावा किया जा रहा है कि यह इंक पेन दुनिया का सबसे बड़ा पेन है। पेन को शक्ति नाम दिया गया है।
पेन के शुभारंभ अवसर पर विधायक डा. राजीव बिंदल ने कहा कि यह अनोखा डिजीटल पेन स्थापित कर नौरंगाबाद स्कूल के अध्यापकों ने ऐसा कार्य किया है, जो बड़े-बड़े व प्राइवेट स्कूलों में भी संभव नहीं हो सका। उन्होंने पेन को तैयार करने वाले मुख्याध्यापक संजीव अत्री व उनकी टीम को इस कार्य के लिए बधाई दी। साथ ही यहां के बच्चे भी बधाई के पात्र है, जिन्हें इस तरह का पेन उपलब्ध हुआ है।

वहीं नौरंगाबाद स्कूल के मुख्याध्यापक संजीव अत्री ने दावा किया कि यह विश्व का सबसे बड़ा इंक पेन होगा, क्योंकि इससे पहले देश में 38 किलो वजन व 18 फीट लंबा बॉल पेन तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि स्कूल परिसर में स्थापित किया गया यह इंक पेन 20 फीट लंबा पेन है। इस पेन का वजन करीब 43 किलो है।
उन्होंने बताया कि टीचिंग और लर्निंग करवाने वाले इस पेन की विशेषता यह भी रहेगी कि यह पेन साउंड सेंसर से लैस है। यदि कोई शिक्षक अगले दिन अवकाश करने वाला है, तो संबंधित अध्यापक अपना लैक्चर रिकार्ड करके मोबाइल के माध्यम से स्कूल प्रबंधन के पास भेजेगा। इसके बाद साउंड सेंसर की मदद से संबंधित रिकार्ड लेक्चर को पेन में सेंड कर दिया जाएगा। अगले दिन बच्चों को पेन के समीप बिठाकर छुट्टी पर गए शिक्षक की आवाज में पढ़ाकर सेंसर अपना काम शुरू कर देगा।
उन्होंने बताया कि संबंधित पेन से लिखा भी जा सकता है, लेकिन इसका भार अधिक होने की वजह से अकेले व्यक्ति को इसे उठाना मुश्किल है। मगर पेन को उठाकर जब कागज पर मूव किया जाएगा, तो वह लिख भी सकेगा। संजीव अत्री ने बताया कि इस इंक पेन में लगे सीसीटीवी की मदद से बच्चों पर निगरानी भी रखी जा सकेगी। खाली पीरियड में पेन बच्चों को कहानी भी सुनाएगा। बच्चे गीत भी सुन सकेंगे। पेन तैयार करने में तकरीबन 45,000 रुपये लागत आई है, जिसे स्कूल के 6 शिक्षकों ने अपने स्तर पर वहन किया है।

कुल मिलाकर हिमाचल प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में स्थित सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी किसी से छिपी नहीं है। लिहाजा ऐसे इलाकों में यह पेन इस कमी से भी निजात दिलाने में कारगार साबित होगा। हालांकि नौरंगाबाद स्कूल प्रबंधन ने यह पेन अपने स्कूल की पूर्ति के लिए तैयार किया है, जिसकी हर कोई प्रशंसा कर रहा है।

News Archives

Latest News