DNN कुल्लू
16 जून। सरकार की अनेकों ऐसी अभिनव योजनाएं हैं जो न केवल व्यक्ति को आजीविका कमाने के लिये समर्थ बनाती हैं, बल्कि रोजगार प्रदाता भी बनाती है। बंजार उपमण्डल की तीर्थन घाटी में ऐसी ही एक मिसाल स्थापित करने वाले होम स्टे ब्राउन डिप्पर का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी प्रशांत सरकैक ने बताया कि ब्राउन डिप्पर दो कमरों का निर्माण प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत किया। मालिक स्वयं परिवार सहित पुराने मिट्टी के घर में रहा और नये दो कमरों में होम-स्टे शुरू कर दिया। बड़े बेटे ने एस.सी. कम्पोनेंट के तहत अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान से निःशुल्क तीन कोर्स किये और छोटे बेटे ने शैफ का प्रशिक्षण प्राप्त किया। दोनों ने मिलकर दो कमरों के होम स्टे को बढ़ाकर पांच कमरों का बना डाला और आज अच्छी खासी आय अर्जित कर क्षेत्र के लिये मिसाल बने हैं। उनके पिता ने स्वयं बीपीएल की सूची से नाम कटवाने के लिये पंचायत में आवेदन किया।
प्रशांत सरकैक आज कुल्लू के देवसदन में राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम, हि.प्र. खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड एवं अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (एससीएसटी) विकास निगम के संयुक्त तत्वाधान में राष्ट्रीय एससीएसटी हव्ब का उद्यम के एक सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में जिला के 130 उद्यमियों ने भाग लिया। सम्मेलन में एस.सी.एस.टी. उद्यमियों के लिये भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई।
आंचलिक महाप्रबंधक गुरपाल सिंह ने उद्यमियों को हब के तहत विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जिनमें स्पेशल क्रेडिट लिंक सब्सिडी, बैंक ऋण प्रक्रिया शुल्क की प्रतिपूर्ति, परीक्षण शुल्क, ई.पी. सदस्यता, प्रशिक्षण कार्यक्रम, ई. कामर्स पोर्टल, एकल बिंदु पंजीकरण शुल्क, की प्रतिपूर्ति, विशेष विपणन सहायता योजना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एससीएसटी हव्ब समय समय पर जागरूकता सम्मेलनों का आयोजन करता है ताकि पात्र लोग सरकार की योजनाओं से लाभान्वित होकर अपनी आर्थिकी को संबल प्रदान करने में समर्थ बनें।
इससे पूर्व, स्वागत करते हुए एनएसआईसी चण्डीगढ़ के शाखा प्रबंधक गोपाल स्वाईका ने प्रस्तुति के माध्यम से राष्ट्रीय एससीएसटी हव्ब योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
खादी एवं ग्रामोद्याग के विकास अधिकारी विवेक शर्मा ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के बारे में जानकारी सांझा करते हुए कहा कि सेवा क्षेत्र में 20 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाता है। निर्माण क्षेत्र में 25 लाख से 50 लाख रुपये का ऋण प्रदान करने का प्रावधान है। शहरी क्षेत्रों में 15 प्रतिशत अनुदान जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 25 से 35 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जा रहा है। खास बात यह है कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिये न ही काई आयु सीमा है और न ही किसी प्रकार शैक्षणिक योग्यता जरूरी है।
अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति विकास निगम के जिला प्रबंधक सौरभ शर्मा ने निगम की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। हि.प्र. कौशल विकास निगम के जिला समन्यवक सुनील कुमार ने कौशल विकास निगम के तहत स्वरोजगार से जुड़े विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण के बारे में अपने विचार सांझा किये। जिला उद्योग केन्द्र की प्रबंधक मीना भल्ला ने स्वावलंबन योजना के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की। सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया के मुख्य प्रबंधक विकास राज गौरव ने बैंक के माध्यम से विभिन्न प्रायोजित योजनाओं के लिये ऋण संबंधी जानकारी प्रदान की।
पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य प्रबंधक पामा छेरिंग ने विभिन्न प्रायोजित योजनाओं के लाभार्थियों को ऋण प्रदान करने के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि बैंक इस संबंध में ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता शिविरों का आयोजन करते हैं।
सम्मेलन में उद्यमियों ने अनेक प्रकार के प्रश्न किये और अपनी समस्याओं का समाधान करवाया।
एनएसआईसी के उप प्रबंधक कृष्ण कुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।















